43 साल के राजामौली ने 2015 में 'बाहुबली द बिगनिंग' बनाकर ये दिखाया था कि देश में सिनेमा को एक नया आयाम देने वाला डायरेक्टर आ चुका है। राजामौली ने अपनी फिल्म से ये साबित किया कि वो महज दक्षिण भारतीय सिनेमा के निर्देशक नहीं हैं। वो ऐसी फिल्म बना सकते हैं जिसके पीछे पूरा देश एक हो सकता है। आज उसी फिल्म को रिलीज हुए 4 साल हो गए हैं जिसने इस फिल्म के डायरेक्टर को इंटरनेशनल स्टार बनाया।
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Prabhas and S S Rajamouli
- फोटो : twitter
लोग उनकी बातें करने लगे। दक्षिण भारतीय सिनेमा में अगर आपकी रुचि हो तो आपको राजामौली की फिल्मों के बारे में पता ही होगा। रायचूर में जन्में राजामौली ने साल 2001 में पहली फिल्म स्टूडेंट नंबर 1 डायरेक्ट की थी। राजामौली पहली ही फिल्म डायरेक्ट करने के बाद छा गए थे। 'स्टूडेंट नंबर 1' उस साल की सबसे बड़ी हिट थी।
फिल्म में जूनियर एनटीआर और गजाला लीड रोल में थे। इसके बाद राजामौली ने कई अच्छी और हिट फिल्में डायरेक्ट की लेकिन यहां बात करना जरूरी हो जाता है साल 2009 में आई फिल्म 'मगधीरा' के बारे में। चिरंजीवी के बेटे रामचरन इस फिल्म में हीरो थे। इस फिल्म में भी बाहुबली जैसा ही भारी भरकम सेट और ढेर सारा पैसा खर्च किया गया था। इस फिल्म के प्रोडक्शन में राजामौली ने अपना सब कुछ लगा दिया था। फिल्म की कहानी केवी विजयेंद्र ने लिखी थी जो कि राजामौली के पिता हैं। फिल्म जब रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉड्स धरे के धरे रह गए।
राजामौली ने ज्यादातर तेलुगु फिल्मों का ही निर्देशन किया है। बाहुबली ही नहीं राजामौली ने एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों का रिकॉर्ड इतना तगड़ा है कि अगर उन्हें इस दशक का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहें तो गलत नहीं होगा। राजामौली की अब तक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली है। इस फिल्म का रिकॉर्ड अभी तक किसी भी बॉलीवुड फिल्म ने नहीं तोड़ा है।
बाहुबली सीरीज के जरिए राजामौली ने देश के दूसरी फिल्म इंडस्ट्रीज को एक दिशा दी है। राजामौली अपनी शानदार फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड भी हासिल कर चुके हैं। 2016 में राजामौली को सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड, तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड, नंदी अवॉर्ड जैसे कई अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है।