'दम लगा के हईशा' में अपनी दमदार एक्टिंग के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करने वालीं भूमि पेडनेकर की पिछले कुछ समय से साल में दो से तीन फिल्में रिलीज होती रही हैं और वह हर साल लगभग इतनी ही नई फिल्मों की शूटिंग भी करती रही हैं। लेकिन कोरोना महामारी ने सभी को अपने-अपने घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
इस बारे में बातें करने पर भूमि कहती हैं कि उन्हें खुद के साथ रहना अच्छा लगने लगा है। वह लगातार ऐसी चीजों पर फोकस करती है जिससे उन्हें खुशी मिलती हो। भूमि कहती हैं, 'इस दौरान मैंने खुद को अच्छी तरह समझा है और मैं जान चुकी हूं कि मुझे आइसोलेशन पसंद है। मुझे खुद के साथ रहकर सुकून मिलता है। मैंने बहुत से लोगों को इस बात की शिकायत करते देखा है कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते।'
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
भूमि आगे कहती हैं 'मैं एक्सट्रोवर्ट हूं और मुझे लोगों से घुलना-मिलना काफी पसंद है लेकिन इस क्वारंटाइन की वजह से मुझे यह एहसास हुआ कि दूसरे लोगों से मिलने के बजाए आइसोलेशन मुझे ज्यादा पसंद है, क्योंकि इस दौरान वाकई मैंने लोगों से मिलना-जुलना पूरी तरह बंद कर दिया है। इन दिनों मैंने पढ़ने पर ज्यादा जोर दिया है। हालांकि मैं ज्यादा समय टीवी नहीं देखती हूं लेकिन मैंने शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ काफी वक़्त बिताया और सच कहूं तो कई दिन थे जब मैंने कुछ भी नहीं किया।'
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
खुद के साथ वक्त बिताने की जरूरत समझाते हुए भूमि कहती हैं, 'हैप्पीनेस के लिए खुद से प्यार करना बेहद जरूरी है और इस लॉकडाउन में उन्होंने खुद को प्राथमिकता दी है। मैं अपनी जिंदगी में उन चीजों की अहमियत समझती हूं जो मेरे लिए सबसे ज्यादा अहम हैं। इस दौरान मैंने खुद को फिर से पढ़ाया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।'
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला
भूमि पेडनेकर ने कहा, 'एक तरह से देखा जाए तो मैंने इस हालात का भी भरपूर आनंद लिया क्योंकि एक्टर के तौर पर फिल्म के प्रमोशन या शूटिंग के वक़्त आप हमेशा लोगों से घिरे रहते हैं। आपके आसपास का परिवेश भी कुछ लोगों की एक टीम की तरह बन जाता है। आप लगातार फोन पर बिज़ी रहते हैं, आप सोशल मीडिया पर काफी समय बिताते हैं।'
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