{"_id":"6180eefc7e85f455d87cf44c","slug":"birthday-prithviraj-kapoor-did-not-get-work-due-to-being-educated-at-the-age-of-24-played-the-role-from-youth-to-old-age","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जन्मदिन: इस वजह से पृथ्वीराज कपूर को नहीं मिला था काम, 24 साल की उम्र में निभाई थी जवानी से लेकर बुढ़ापे तक की भूमिका","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
जन्मदिन: इस वजह से पृथ्वीराज कपूर को नहीं मिला था काम, 24 साल की उम्र में निभाई थी जवानी से लेकर बुढ़ापे तक की भूमिका
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हर्षिता सक्सेना
Updated Wed, 03 Nov 2021 09:19 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हिंदी सिनेमा में लंबे समय से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाला कपूर खानदान आज भी बॉलीवुड में काफी सक्रिय है। मूक सिनेमा के दौर से लेकर ब्लैक एंड व्हाइट और रंगीन सिनेमा तक जिन चंद कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई उनमें अभिनेता पृथ्वीराज कपूर का नाम भी शामिल है। पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर 1906 को लायलपुर (वर्तमान में फैसलाबाद) के समुंद्री में हुआ। यह इलाका बंटवारे के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बना। उनके पिता बशेश्वरनाथ कपूर इंडियन इंपीरियल पुलिस में अधिकारी थे। पृथ्वीराज कपूर जब 3 साल के थे, तब ही उनकी मां का निधन हो गया था।
पृथ्वीराज को बचपन से ही अभिनय का शौक था। अपने इस शौक पूरा करते हुए उन्होंने लायलपुर और पेशावर के थिएटर से अपने अभिनय की शुरुआत की। महज 8 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्कूली नाटक में हिस्सा लिया। इसके बाद पेशावर के एडवर्ड कॉलेज से बैचलर की डिग्री लेने तक नाटकों से उनका लगाव काफी बढ़ गया। अपने रंगमंच प्रेम के चलते पृथ्वीराज कपूर लाहौर आए, लेकिन वहां उन्हें पढ़ा-लिखा होने की वजह से किसी नाटक मंडली में काम नहीं मिला।
2 of 6
पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद वह 1929 में काम की तलाश करते हुए मुंबई पहुंचे और इंपीरियल फिल्म कंपनी में बिना वेतन के अतिरिक्त कलाकार बन गए। इस दौरान साल 1931 में आई फिल्म 'आलमआरा' में उन्होंने 24 साल की उम्र में ही जवानी से लेकर बुढ़ापे तक की भूमिका निभाई। वहीं, फिल्म 'मुगल ए आजम' में उनके अकबर के किरदार को आज भी याद किया जाता है।
3 of 6
पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पहली फिल्म साल 1929 में बनी 'सिनेमा गर्ल' थी। अभिनय के शुरुआती दिनों में पूरी नौ मूक फिल्मों में काम करने के बाद पृथ्वीराज देश की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' में सहायक अभिनेता विद्यापति के तौर पर नजर आए। कई साल फिल्म और कई थिएटरों से जुड़े रहने के बाद पृथ्वीराज ने 1944 में पृथ्वी थिएटर की स्थापना की। यह समूह देश भर में घूम घूमकर कला प्रदर्शन करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
कालिदास द्वारा लिखित नाटक अभिज्ञानशाकुन्तल इस थिएटर के रंगमंच पर प्रदर्शित होने वाला पहला नाटक था। पृथ्वीराज के लगभग 16 वर्षों के सफर के दौरान इस थिएटर में लगभग 2662 नाटकों का मंचन किया गया। वर्तमान में इस थिएटर की देखरेख शशि कपूर की बेटी संजना कपूर करती हैं। साल 1941 में सोहराब मोदी के निर्देशन में बनी फिल्म सिकंदर वह फिल्म थी जिसने पृथ्वीराज कपूर को सुपरस्टार बना दिया।
विज्ञापन
5 of 6
पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में से एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी मुगल ए आजम में पृथ्वीराज कपूर ने अकबर की भूमिका निभाई थी। दिलीप कुमार, मधुबाला, दुर्गा खोटे और निगार सुल्ताना अभिनीत यह फिल्म हिंदी सिनेमा में एक मील का पत्थर साबित हुई। यह फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में तब सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और यह रिकॉर्ड करीब 15 साल तक बरकरार रहा। 2004 में इस फिल्म का रंगीन संस्करण रिलीज किया गया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।