हिंदी सिनेमा की महान अभिनेत्रियों में से एक नरगिस दत्त ने एक से एक बढ़कर फिल्में दीं। उनका असली नाम फातिमा राशिद था। एक जून 1929 को जन्मीं नरगिस ने मात्र पांच साल की उम्र में बाल कलाकार के तौर पर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। नरगिस ने अपने शानदार अभिनय के दम पर लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। लेकिन साल 1957 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'मंदर इंडिया' में उन्होंने एक गरीब महिला राधा का किरदार निभाया था। जिसे दर्शकों ने तो पसंद किया ही इसके अलावा ये फिल्म ऑस्कर अवार्ड्स में तक गई थी। साल 1958 में नरगिस ने अपने को-स्टार सुनील दत्त से शादी कर ली थी। नरगिस ने जिसे भी चाहा उसके लिए पूरी तरह से समर्पित रहीं। पहले उनकी जिंदगी में अभिनेता राज कपूर आए और फिर सुनील दत्त। आज नरगिस के जन्मदिन के खास मौके पर हम आपको नरगिस और सुनील दत्त की खास प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही राज कपूर और नरगिस के अधूरी प्रेम कहानी के बारे में भी बताएंगे।
जन्मदिन विशेष: नरगिस की शादी के बाद खुद को सिगरेट से जलाते थे राज कपूर, सुनील दत्त से ऐसे हुआ था अभिनेत्री को प्यार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिगरेट से खुद को जलाते थे राज कपूर
राज कपूर के साथ नौ साल लंबे रिश्ते के बाद नरगिस को जब ये लगने लगा था कि अब राज उनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहे और राज कपूर न तो अपनी शादी तोड़ सकते थे न ही अपने पिता से बगावत कर सकते थे। ऐसे में नरगिस ने उनके साथ अपने रिश्ते खत्म कर लिए। जब राज कपूर ने सुनील दत्त के साथ नरगिस की शादी की खबर सुनी तो वो अपने आप को सिगरेट बटों से जलाते थे, ये देखने के लिए कि कहीं वो सपना तो नहीं देख रहे। नरगिस के जीवनीकार टीजेएस जॉर्ज लिखते हैं, 'इसके बाद से ही राज कपूर ने बेइंतहा शराब पीनी शुरू कर दी।'
सुनील दत्त से इस तरह से हुई पहली मुलाकात
बात उन दिनों की है जब नरगिस टॉप एक्ट्रेसेस में से एक थीं और सुनील दत्त सीलोन रेडियो में बतौर रेडियो जॉकी काम किया करते थे। यही पहली बार सुनील और नरगिस की मुलाकात हुई थी। दरअसल, नरगिस यहां पर इंटरव्यू देने आई थीं। जब सुनील दत्त ने इंटरव्यू शुरू किया तो वह नरगिस को देख इतना घबरा गए कि उनसे कुछ पूछ ही नहीं पाए। इसके बाद दोनों दूसरी बार फिल्म 'दो बीघा जमीन' के सेट पर मिले। नरगिस वहां बिमल रॉय से मिलने आई थीं और सुनील दत्त वहां काम की तलाश में पहुंचे थे। सुनील को देखते ही नरगिस को पिछला वाकया याद आ गया। वो उन्हें देखकर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं। इसके बाद महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ में सुनील दत्त को नरगिस के बेटे का रोल मिला।
शूटिंग के दौरान सुनील बार-बार नरगिस के सामने नर्वस हो जाते थे और एक्टिंग नहीं कर पाते थे। लेकिन नरगिस ने इस दौरान उनकी काफी मदद की जिससे वो सहज होकर एक्टिंग कर सके। नरगिस की इस दरियादिली की वजह से सुनील दत्त को उनसे बहुत लगाव सा हो गया। फिर एक घटना घटी जिसने हमेशा के लिए सुनील दत्त और नरगिस को करीब ला दिया।
बिलिमोर गांव में फिल्म ‘मदर इंडिया’ का सेट था। वहां एक सीन को फिल्माए जाने के लिए चारों ओर पुआल बिछाए गए थे। सीन को फिल्माने के लिए पुआलों में आग लगाई गई। देखते-देखते आग चारों ओर फैल गयी। नरगिस सीन करने के दौरान आग में फंस गईं। सुनील दत्त अपनी जान पर खेलकर नरगिस को बचाने के लिए आग में कूद पड़े। उन्होंने नरगिस को बचा लिया लेकिन खुद काफी जल गए। वो इतना ज्यादा जल गए थे कि बार-बार बेहोश होने लगे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरगिस रोज अस्पताल जाकर उनकी देखभाल करती थीं।