दिग्गज संगीतकार, गीतकार और सिंगर इलैयाराजा का जन्म 2 जून 1943 को तमिलनाडु के थेनी जिले में हुआ था। इलैयाराजा लंबे समय से बॉलीवुड और साउथ इंडियन फिल्मों में काम कर रहे हैं। उन्होंने अब तक करीब 7000 गानों की धुनों को तैयार किया है। इनमें बॉलीवुड की 'सदमा', 'हे राम', 'चीनी कम', 'महादेव', 'पा' जैसी फिल्में प्रमुख हैं।
ये भी एक दिलचस्प तथ्य है कि जब ज्यादातर संगीत इलेक्ट्रॉनिक कीबोर्ड और कम्प्यूटर से जुड़े यंत्रों से तैयार हो रहा है, सुरों के राजा इलैयाराजा संगीत मंडली के साथ गाने रिकॉर्ड करते हैं। शालीन और मृदुभाषी इलैयाराजा अपने काम के प्रति इतने समर्पित हैं कि उन्होंने कॉपीराइट के सवाल पर मशहूर सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम को अदालती नोटिस देने से भी गुरेज नहीं किया।
इलैयाराजा ने संगीत की शिक्षा धनराज मास्टर जी से ली। इलैयाराजा ने जीवा के साथ शादी की और उनके दो बेटे कार्तिक राजा (संगीतकार) और युवान शंकर राजा (संगीतकार) हैं और उनकी बेटी भवतारिनी (संगीतकार और गायिका) हैं। साल 2011 में उनकी पत्नी का निधन हुआ था।
2010 साल में भारत सरकार ने इलैयाराजा पद्मभूषण और 2018 में पद्म विभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें इस अवॉर्ड से नवाजा. इसके अलावा साल 2012 में संगीत नाटक अकेडमी अवॉर्ड हासिल किया।
इलैयाराजा को बचपन से ही संगीत का शौक था। कई महान संगीतकारों के मार्गदर्शन में इलैयाराजा ने संगीत की शिक्षा ली। इसके बाद अपने संगीत करियर की शुरुआत की। 'सागर संगम' (1984), 'सिंधु भैरवी' (1986) और 'रुद्रवीणा' (1989) जैसी फिल्मों में इलैयाराजा ने बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड हासिल किया है।