अभिनेता सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान की गिनती उन बॉलीवुड अभिनेत्रियों में होती है, जिन्होंने काफी कम वक्त में अपना एक अलग मुकाम बना लिया है। सारा अली खान ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म केदारनाथ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसके बाद सारा फिल्म सिंबा में रणवीर सिंह के साथ नजर आईं और फिर कार्तिक आर्यन के साथ लव आजकल में, कहने को तो सारा ने सिर्फ तीन फिल्में ही की हैं लेकिन उनकी गिनती आज टॉप अभिनेत्रियों में होती है। सारा फिल्मों के साथ ही अपने सोशल मीडिया और बिंदास अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं।
जब सारा अली खान ने कहा था, 'मैं बोलना शुरू करूं तो रोज धमाके हों, इसलिए चुप रहती हूं'
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सारा अपने आपको पूरी तरह से एक कलाकार मानती हैं। इसके बारे में उनकी राय एक दम साफ है, जिसका जिक्र उन्होंने एक इंटरव्यू में भी किया था। 'अभिनेता के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक दायित्व में संतुलन लाना कितना अनिवार्य है?' इस सवाल के जवाब में सारा ने कहा था, 'समाज को संदेश देने के लिए दूसरे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं।'
आगे सारा ने कहा था, 'अगर मुझे संदेश ही देना होगा तो मैं डॉक्यूमेंट्री बनाऊंगी पर मैं यहां डॉक्यूमेंट्री बनाने नहीं आई हूं। मुझे अच्छी कहानियों का हिस्सा बनना है। मैं उन कहानियों के जरिए लोगों तक पहुंचना चाहती हूं। मैं वो किरदार निभाना चाहती हूं। मैं अपने आपको एक एंटरटेनर मानती हूं, जो आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचना चाहती है।'
सारा ने कहा था, 'सामाजिक संदेश देने का भार मैं अपने कंधों पर नहीं उठाना चाहती। मैं सिर्फ अपनी फिल्मों और किरदारों के जरिए ही किसी को कोई संदेश दे सकती हूं क्योंकि यही मेरी सीमा है। इसके साथ ही सारा ने यह स्पष्ट किया कि फिल्मों में निभाए गए उनके किरदार उनके व्यक्तिगत जीवन से अलग हैं और वे यह बखूबी जानती हैं।'
दरअसल ऐसे कई सितारे हैं जो राजनीति से लेकर आम मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखते हैं लेकिन सारा ऐसा कभी कभी ही करती नजर आती हैं। ऐसे मुद्दों पर कम सक्रियता दिखाने पर सारा ने कहा था, 'मैं जिस तरह की लड़की हूं, अगर बोलना शुरू कर दूं तो रोज धमाके हो सकते हैं, इसलिए मैं चुप ही रहती हूं। यहां आपके बयानों का इतना सूक्ष्म परीक्षण होता है कि वो आपको आपके काम से भटका देते हैं और ऐसे में मेरे जैसे उत्साही लोग भयानक परिस्थिति में फंस सकते हैं। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरा काम ही बोले।'
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