काेरोना संक्रमण के रोक-थाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन को हटाने के बाद, जब 2021 में सिनेमाघर के द्वार एक बार फिर सिनेमाप्रेमियों के लिए खुल गए, तब केवल दो बॉलीवुड फिल्मों - 'सूर्यवंशी' और '83' - ने ही बॉक्स-ऑफिस हिट के शीर्ष 10 की लिस्ट में जगह बनाई। वहीं तेलुगू फिल्म 'पुष्पा: द राइज' इस लिस्ट में पहले स्थान पर बना हुआ है।
Bollywood VS South Cinema: बीते दाे सालों से बॉलीवुड पर कैसे हावी हो रहा है साउथ सिनेमा? इस रिपोर्ट से समझिए पूरा कच्चा-चिट्ठा
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| फिल्म | कलेक्शन |
| पुष्पा | 234 करोड़ रुपये |
| सूर्यवंशी | 231.70 करोड़ रुपये |
| स्पाइडर-मैन: नो वे होम | 226 करोड़ रुपये |
| मास्टर | 209.60 करोड़ रुपये |
| वकील साहब | 119.90 करोड़ रुपये |
| अन्नात्थे | 104 करोड़ रुपये |
| अखंड | 103 करोड़ रुपये |
| उप्पेना | 93.30 करोड़ रुपये |
| 83 | 86 करोड़ रुपये |
| डॉक्टर | 81.60 करोड़ रुपये |
ऐसा रहा 2022 का हाल
वहीं 2022 में रिलीज हुई 15 फिल्मों में से बॉलीवुड की नौ, साउथ सिनेमा की पांच और हॉलीवुड की एक फिल्म है। फिल्मों के नंबर में बढ़त लेने वाला बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर बढ़त लेने में नाकाम रहा और 2022 की रिपोर्ट में भी साउथ की केजीएफ: चैप्टर 2 और आरआरआर ने शीर्ष 2 में अपनी जगह बना ली।
| फिल्म | बॉक्स ऑफिस कलेक्शन |
| केजीएफ चैप्टर 2 | 750.82 |
| आरआरआर | 767.54 |
| द कश्मीर फाइल्स | 250.69 |
| बीस्ट | 128.74 |
| गंगूबाई काठियावाड़ी | 123.4 |
| राधे श्याम | 103.59 |
| आचार्या | 54.34 |
| बच्चन पांडे | 50.54 |
| द बैटमैन | 36.52 |
| रनवे 34 | 20.76 |
हिंदी सिनेमा में साउथ फिल्मों का दबदबा क्यों कायम हुआ?
लगातार दो सालों से साउथ की फिल्में बॉलीवुड पर भारी पड़ रही हैं। हिंदी बेल्ट के दर्शक भी बॉलीवुड की फिल्मों के बजाए साउथ की फिल्मों को देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह जानने के लिए अमर उजाला ने अपनी वेबसाइट पर एक पोल का आयोजन किया था। इस पोल में हमने पाठकों से ही पूछा कि उनके हिसाब से 'हिंदी भाषी राज्यों में साउथ की फिल्मों के सफल होने का क्या कारण हो सकता है?' आपको जानकर हैरानी होगी कि 93.25 फीसदी पाठकों ने कहा कि बॉलीवुड में ओरिजनल कंटेंट की कमी की वजह से साउथ फिल्में सफल हो रही हैं। वहीं 6.75 फीसदी का कहना है कि बॉलीवुड फिल्मों का प्रमोशन ठीक तरीके से न करना इसके फ्लॉप होने का कारण बन गया है।