संजय लीला भंसाली की फिल्म
'पद्मावती' को लेकर चर्चाएं भले ही कम हो गई हो लेकिन विवाद अब भी कम नहीं हुआ है। इस बीच इन विवादों को खत्म करने के लिए सेंसर बोर्ड ने जनवरी में जयपुर के दो इतिहासकारों को फिल्म देखने के लिए बुलाया है।
इन इतिहासकारों में प्रोफेसर बीएल गुप्ता और प्रोफेसर आरएस खांगरोट का नाम शामिल हैं। जहां एक तरफ प्रोफेसर गुप्ता राजस्थान विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर है और मध्यकालीन भारत पर कई किताबें लिखी हैं वहीं खांगरोट अग्रवाल कॉलेज के प्रिंसिपल हैं।
इसके अलावा विवादों को खत्म करने के लिए सेंसर बोर्ड ने एक 6 सदस्यों की कमिटी बनाई है। इस कमिटी में इतिहासकारों के अलावा राजघराने के लोगों को भी शामिल किया गया है।
खबरों की मानें तो सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसून जोशी ने मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह से फिल्म देखने की गुजारिश की है। जल्द से जल्द इस फिल्म की स्क्रीनिंग रखी जा सकती है। ये सभी सदस्य मिलकर फैसला लेंगे कि फिल्म को कब रिलीज किया जाना चाहिए।
बता दें, फिल्म पद्मावती की रिलीज के चलते विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के सदस्य भंसाली, दीपिका और रणवीर को धमकी दे रहे हैं। राजपूत करणी सेना ने एक्ट्रेस की नाक काटने की धमकी दी है। जिसके बाद फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाई जा चुकी है। फिल्म की रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है।
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