फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पाकिस्तान में जन्मे थे विनोद खन्ना, माली बनकर धोये टॉयलेट...मरणोपरांत मिला बड़ा अवार्ड

Sun, 22 Apr 2018 03:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 22 Apr 2018 03:59 PM IST
विज्ञापन
chandigarh, Dada Saheb Phalke Award to Vinod Khanna, Vinod Khanna biography
vinod khanna
मशहूर एक्टर विनोद खन्ना को मिला सबसे बड़ा अवार्ड। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं उनकी जिंदगी के बारे में ऐसी बातें, जो यकीनन आपने पहले नहीं सुनी होंगी।
chandigarh, Dada Saheb Phalke Award to Vinod Khanna, Vinod Khanna biography
vinod khanna
फिल्म उद्योग में योगदान के लिए इस साल का दादा साहेब फाल्के अवार्ड दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को देने का एलान किया गया है। दादा साहेब फाल्के भारतीय फिल्म उद्योग का सर्वोच्च सम्मान है। विनोद खन्ना का 27 अप्रैल 2017 को कैंसर के कारण 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। विनोद खन्ना ने 1968 में 'मन का मीत' फिल्म से कैरियर की शुरुआत की थी और उनकी आखिरी फिल्म 2007 में आई थी।
chandigarh, Dada Saheb Phalke Award to Vinod Khanna, Vinod Khanna biography
विनोद खन्ना - फोटो : SELF
विनोद खन्ना भारतीय जनता पार्टी के नेता व पंजाब में गुरदासपुर जिले से लोकसभा सांसद थे। वे अपने जीवन में ओशो से प्रभावित थे। वो वक्त ऐसा था कि विनोद खन्ना फिल्में छोड़कर संन्यासी बन गए थे। नाम और पैसा कमाने के बावजूद उन्हें जिंदगी में कुछ खालीपन सा लग रहा था। इसे पूरा करने के लिए वह सन्यासी बने और पूरे चार साल तक अमेरिका में आध्यात्निक गुरु ओशो के आश्रम में बिताए।
विज्ञापन
विज्ञापन
chandigarh, Dada Saheb Phalke Award to Vinod Khanna, Vinod Khanna biography
विनोद खन्ना
1980 में विनोद खन्ना का मन फिर बदला। वह अपने परिवार के पास वापस लौटना चाहते थे। हालांकि ओशो की ओर से उन्हें ऑफर भी दिया गया कि वह चाहे तो पुणे के आश्रम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन विनोद खन्ना ने इंकार कर दिया। फिर उनका जो कमबैक रहा, वो भी शानदार था। विनोद खन्ना ने अपने फिल्मी करियर में विलेन से लेकर रोमांटिक हीरो तक के किरदार निभाए।
विज्ञापन
chandigarh, Dada Saheb Phalke Award to Vinod Khanna, Vinod Khanna biography
विनोद खन्ना
6 अक्टूबर, 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्मे विनोद की जिंदगी की कहानी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं थी। साधारण परिवार से होने के बाद बॉलीवुड एक्टर बनने और फिर ओशो के आश्रम में माली बने। शादीशुदा जिंदगी खत्म करने को लेकर वो हमेशा ही सुर्खियों में रहे। पाकिस्तान से संबंध रखने वाले विनोद खन्ना ने एक पाकिस्तानी फिल्म गॉडफादर में मुख्य भूमिका निभाई, जो 2007 में रिलीज हुई।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed