कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के बाद कई फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को सीधे ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज करना शुरू कर रहे हैं। निर्माताओं के इस कदम से सिनेमाघरों के मालिक बहुत नाराज हैं और उन्होंने एक प्रेस रिलीज जारी करके अपनी नाराजगी जाहिर की है। सिनेमाघरों के मालिकों की नाराजगी से इत्तेफाक रखते हुए अब निर्माताओं के बचाव में खुद उनकी यूनियन 'द प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया' मैदान में उतर आई है।
फिल्मों के ओटीटी पर जाते ही शुरू हुआ सिनेमा संग्राम, निर्माताओं और प्रदर्शकों के बीच खिंच गईं तलवारें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिनेमाघरों के मालिकों की नाराजगी पर गिल्ड ने कहा है कि उनके लिए यह बात बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके सहयोगियों से उन्हें नाराजगी भरे संदेश मिल रहे हैं। गिल्ड ने अपनी कमियां गिनाते हुए सिनेमाघरों के मालिकों से कहा है कि यह एक ऐसा समय है जब रुकी हुई फिल्म के निर्माता और पूरी हो चुकी फिल्मों के निर्माताओं को प्रतिदिन के हिसाब से करोड़ों रुपये का नुकसान सहन करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से पता नहीं कि फिल्मों की शूटिंग दोबारा कब शुरू होगी?
गिल्ड की तरफ से जारी किए गए एक प्रेस नोट में कहा गया है, 'फिल्मों के लिए किराए पर लिए गए स्टूडियो का भाड़ा और बनाए गए सेट की कीमत निर्माताओं को बिना काम किए चुकानी पड़ रही है। ऐसे समय में बीमा कंपनियां भी साथ देने के लिए तैयार नहीं हैं। यहां तक कि उनका कैंसिलेशन चार्ज भी बहुत महंगा पड़ रहा है। हर एक राज्य सरकार सिनेमाघरों को फिर से खोलने के अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन वह भी तभी राहत दे सकेंगे जब कोरोना वायरस पर काबू पाया जाए। किसी भी हिंदी फिल्म को पूरे भारत में रिलीज होने के लिए फिलहाल फिल्म निर्माताओं को इंतजार करना पड़ेगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन हटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।'
सिनेमाघर मालिकों से सहानुभूति जताते हुए गिल्ड ने कहा, 'ज्यादा नुकसान से बचने के लिए फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज कर रहे हैं। फिल्म निर्माता शुरुआत से ही सिनेमाघरों के साथ काम करते आए हैं। देश की स्थिति सुधरते ही हम सब फिर से एकजुट होकर काम करेंगे। हम सभी जानते हैं कि फिल्म देखने का जो असली मजा है वह सिनेमाघरों में ही है और इस अनुभव को हम दूर नहीं होने देंगे।'
बता दें कि गुरुवार के दिन शूजीत सरकार की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' के ओटीटी पर रिलीज होने की घोषणा के बाद मल्टीप्लेक्स आईनॉक्स ने एक प्रेस नोट जारी करके नाराजगी जताई थी और इस घटना को विवादास्पद बताया था। पीवीआर पिक्चर्स के सीईओ कमल ज्ञानचंदानी ने कहा, 'हम बहुत निराश हैं कि फिल्म 'गुलाबो सिताबो' के निर्माताओं ने इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने का फैसला किया है। हम इस आशा में थे कि वह देश के हालात सुधरने और सिनेमाघरों के फिर से खुलने का इंतजार करेंगे।' शुक्रवार को विद्या बालन की फिल्म शकुंतला देवी के भी ऑनलाइन रिलीज होने की घोषणा हो गई है।
लॉकडाउन के दौरान रेमो ने किया डांस प्रतियोगिता का एलान, जीतने वाले को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार