साल 2021 के काउंसिल फॉर फेयर बिजनेस प्रैक्टिसेस (सीएफबीपी) कंज्यूमर फिल्म फेस्टिवल का एलान हो गया है। इस चौथे संस्करण में विजेताओं का चयन करने की जिम्मेदारी निर्माता, निर्देशक प्रकाश झा और पटकथा लेखक जूही चतुर्वेदी भी निभाएंगी। इस फेस्टिवल के लिए 31 मार्च 2021 तक एंट्री भेजी जा सकती हैं, विजेताओं को नकद इनाम दिए जाने का भी एलान किया गया है।
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कंज्यूमर फिल्म फेस्टिवल (सीएफएफ) के इस बार के विषय हैं, फेयर बिजनेस प्रैक्टिसेस, मेरा हक मेरे राइट्स, महिला सशक्तिकरण, लॉकडाउन से मिले सबक। इस फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए कंज्यूमर फिल्म फेस्टिवल की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। प्रविष्टियों को जमा करने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है और यह सभी के लिए मुफ्त है। फेस्टिवल का फिनाले कार्यक्रम अगले महीने आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक इस फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म को डेढ़ लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। दूसरी सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। फिल्म की अवधि 10 मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस साल के फेस्टिवल की ज्यूरी में न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण, प्रो. विश्वनाथ साबले, मिन्हाज़ मर्चेंट, डॉली ठाकोर, अविनाश कौल, जूही चतुर्वेदी, प्रकाश झा और निहार एन जंबूसरिया शामिल हैं।
सीएफबीपी की स्थापना 1966 में जे आर डी टाटा, रामकृष्ण बजाज, अरविंद मफतलाल, एफ टी खोरकीवाला, नवल टाटा, एस पी. गोदरेज और जे एन गुजदर ने की थी। इसका उद्देश्य व्यापार और उद्योगों को खुद ही नियंत्रित करने की अनिवार्यता को पहचान देना था। इस समय इसके अध्यक्ष स्वप्निल कोठारी हैं।
स्वप्निल कोठारी इस बारे में कहते हैं, “वैश्विक महामारी के बाद कंज्यूमर फिल्म महोत्सव उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता पैदा करने का एक अच्छा तरीका है। यह नवोदित फिल्म निर्माताओं और अन्य रचनात्मक लोगों को मौका देता है। यह उनके लिए न केवल पहचान पाने का एक प्लेटफॉर्म हो सकता है, बल्कि रचनात्मक दुनिया में भी अवसर प्रदान कर सकता है।”