पंजाब की पटियाला पुलिस ने गायक दलेर मेहंदी को गिरफ्तार किया है। उन पर यह कार्रवाई 19 साल पुराने मामले में हुई है। बता दें कि पंजाबी गायक पर वर्ष 2003 में कबूतरबाजी का केस दर्ज हुआ था। साल 2018 में पटियाला की कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। सजा को रद्द करने की अपील दलेर मेहंदी ने की थी। मगर पटियाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने याचिका को रद्द कर दिया और सजा को बरकरार रखा। इसके बाद गायक को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। वैसे यह पहला मामला नहीं है, जब दलेर मेहंदी किसी कानूनी लड़ाई में फंसे हैं। इससे पहले भी वह कभी किसी कानूनी पचड़े तो कभी किसी कॉन्ट्रोवर्सी को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। आइए जानते हैं उनसे जुड़े तीन विवाद...
Daler Mehndi Case: पहले भी कानून को हाथ में ले चुके हैं दलेर मेहंदी? इन विवादों में जुड़ चुका है नाम
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दाऊद इब्राहिम के निशाने पर थे!
वर्ष 1999 में खबरें आईं थीं कि दलेर मेहंदी दाऊद इब्राहिम की हिट-लिस्ट में हैं। हालांकि दलेह मेहंदी ने इस तरह की किसी भी धमकी से इनकार किया था। दलेर मेहंदी ने कथित तौर पर तब तक इस बारे में कुछ नहीं कहा था, जब तक आयोजकों ने खुद उनका एक कार्यक्रम रद्द नहीं कर दिया था। बता दें कि उस दौरान ओडिशा में दलेह मेहंदी का एक कार्यक्रम होना था। लेकिन, अंतिम समय में खुद आयोजकों ने इसे कैंसिल कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त समाचार पत्रों में यह दावा किया गया था कि दलेर मेहंदी के कार्यक्रम से ऑडियंस की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उसके बाद से आज तक दलेर मेहंदी ने ओडिशा में कोई कार्यक्रम नहीं किया है।
समुदाय विशेष पर बने एल्बम को लेकर फंसे
वर्ष 2001 में दलेर मेहंदी अपने एल्बम 'नबी बूबा नबी' को लेकर विवादों में रहे। यह एल्बम लॉन्च होने से पहले ही विवादों के घेरे में आ गया थ। दरअसल, कथित तौर पर समुदाय विशेष के कार्यकर्ताओं के समूहों ने मुंबई के आजाद मैदान में धरना दिया और एल्बम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके धर्म का मजाक उड़ाया जा रहा है। हालांकि, दलेह मेहंदी ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि यह गाना भगवान की स्तुति में है। मगर एल्बम में क्योंकि 'नबी' यानी अल्लाह का नाम था, इसलिए समुदाय के लोगों में तनाव पैदा हो गया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि एल्बम में कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भी हैं। मामला अदालत तक पहुंचा और बाद में इस एल्बम में कई बदलाव किए गए।
यशराज फिल्म्स पर किया केस
यह मामला वर्ष 2007 का है, जब फिल्म 'झूम बराबर झूम' रिलीज हुई थी। अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, लारा दत्ता, बॉबी देओल और प्रिटी जिंटा अभिनीत इस फिल्म के टाइटल ट्रैक को लेकर दलेर मेहंदी काफी नाराज हुए थे। दरअसल वह इसके मूल गायक थे। कथित तौर पर बिना किसी नोटिस के उनकी आवाज को शंकर महादेवन की आवाज से बदल दिया गया था। ऐसे में दलेर मेहंदी ने यशराज फिल्म्स के खिलाफ एक मामला दर्ज कर दिया। इसमें उन्होंने यशराज फिल्म्स से औपचारिक माफी मांगने की बात कही और साथ ही कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की भी मांग की। हालांकि मेकर्स ने भी पलटवार किया। यशराज फिल्म्स ने यह स्वीकार किया कि दलेह मेहंदी ही मूल गायक थे। साथ ही यह खुलासा किया नियम-शर्तों पर काम नहीं हो पाया, इसलिए उन्हें उनकी आवाज को हटाना पड़ा। हालांकि, बाद में दलेर मेहंदी और यश राज स्टूडियो के बीच समझौता हो गया। लेकिन, कथित तौर पर दलेर मेहंदी को स्टूडियो के परिसर से प्रतिबंधित कर दिया गया था।