प्रसिद्ध नृत्य इतिहासकार पद्मश्री सुनील कोठारी का रविवार की सुबह निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। 87 वर्षीय सुनील कोठारी एक महीना पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। उनके निधन पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने उन्हें याद किया है।
प्रसिद्ध नृत्य इतिहासकार सुनील कोठारी के निधन पर हेमा मालिनी ने जताया शोक, साझा कीं पुरानी यादें
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हेमा मालिनी ने एक ट्वीट कर सुनील कोठारी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह बहुत याद आएंगे। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि किस तरह सुनील कोठारी ने उन्हें उनके करियर के शुरुआती दिनों में हमेशा प्रोत्साहित किया।
Sunil Kothari, eminent dance critic has passed away.He was one of those who encouraged me in the initial stage of my career. He was a passionate lover of art, a spl person who took grt interest in classical dance and encouraged young dancers. Will truly miss u Sunilji
— Hema Malini (@dreamgirlhema) December 28, 2020
सुनील कोठारी का सफर
बता दें कि सुनील कोठारी का जन्म 20 दिसंबर 1933 को मुंबई में हुआ था और भारतीय नृत्य कलाओं की शिक्षा लेने से पहले वह चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। कोठारी ने भरतनाट्यम, ओडिसी, छऊ, कथक समेत अन्य भारतीय नृत्य कलाओं पर 20 से ज्यादा किताबें लिखी हैं। उन्हें 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें गुजरात संगीत नाटक अकादमी ने 2000 में गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्होंने उदय शंकर और रूक्मिणी देवी अरूंडेल की फोटो जीवनी पर भी काम किया था।
कोठारी ने रबिंद्र भारती विश्वविद्यालय में उदय शंकर चेयर का नेतृत्व किया और फुलब्राइट प्रोफेसर के तौर पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में नृत्य विभाग में पढ़ाया भी। उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया जिसमें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), गुजरात संगीत नाटक अकादमी का गौरव पुरस्कार (2000), पद्म श्री (2001) और अमेरिका में 2011 में डांस क्रिटिक्स एसोसिएशन, न्यूयॉर्क का ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार शामिल है।