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30 रुपये लेकर मुंबई आने वाले देव आवंद पर जान छिड़कती थीं लड़कियां, काला कोट पहनने पर लगाया गया था बैन

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Tanuja Yadav Updated Thu, 03 Dec 2020 12:44 PM IST
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Dev anand death anniversary today he was famous for his different style in bollywood
dev anand - फोटो : social media

बॉलीवुड के सुपरस्टार और दिग्गज अभिनेता देव आनंद की आज पुण्यतिथि है। तीन दिसंबर 2011 को उन्होंने लंदन में आखिरी सांस ली थी लेकिन उनका अभिनय और उनकी प्रतिभा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। बॉलीवुड में देव आनंद को अपने सपनों को जीने वाला अभिनेता माना जाता था। अपनी अद्भुत अदायगी, काम के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिभा के चलते देव आनंद आज भी नए कलाकारों के लिए प्रेरणादायक हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी देव आनंद का नाम एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने ना सिर्फ अभिनय के क्षेत्र में बल्कि फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।

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Dev anand death anniversary today he was famous for his different style in bollywood
dev anand - फोटो : social media

जन्म और फिल्मी करियर की शुरुआत
देव आनंद का जन्म 26 दिसंबर 1923 को पंजाब के गुरदासपुर जिले में हुआ था। देव आनंद बचपन से ही एक्टिंग के बहुत शौकीन रहे थे। पेशे से उनके पिता वकील थे, लाहौर के सरकारी स्कूल से उन्होंने अपनी पढ़ाई की। देव साहब आगे भी पढ़ना चाहते थे लेकिन पैसों की किल्लत की वजह से पढ़ नहीं पाए, इसलिए बॉलीवुड में आने का सपना देखा। देव आनंद ने अपने करियर की शुरुआत 1946 में प्यारेलाल संतोषी की हम एक हैं फिल्म से की। दो साल बाद देव आनंद को शहीद लतीफ की जिद्दी में पहला लीड रोल मिला और उसके फिल्म के गाने ब्लॉक बस्टर हिट हुए। 

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dev anand - फोटो : Social Media

मात्र 30 रुपये लेकर मुंबई आए
फिल्मी करियर की शुरुआत में देव आनंद को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। जब वो पहली बार मुंबई आए थे तब उनकी जेब में बस तीस रुपये ही थे। उनके पास रहने की कोई जगह नहीं थी, कई रातें उन्होंने रेलवे स्टेशन पर काटी। देव आनंद को दिन में दो टाइम का खाना खाने के लिए सोचना पड़ता था। इतने मुश्किल भरे दिनों से गुजरने के बाद देव आनंद ने सोचा कि अगर मुंबई में रहना है तो कुछ काम करना पड़ेगा। कई कोशिशों के बाद उन्हें मिलिट्री सेंसर ऑफिस में लिपिक की नौकरी मिल गई। यहां उन्हें सैनिकों की चिट्ठियों को उनके परिवार के लोगों को पढ़कर सुनाना होता था।

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dev anand

फिल्म इंडस्ट्री को दी कई हिट फिल्में
देव आनंद ने अपने फिल्मी करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उनकी हिट फिल्मों की बात करें तो उसकी लिस्ट काफी लंबी होगी लेकिन गाइड, हरे कृष्णा हरे राम, देस परदेस, ज्वेल थीफ और जॉनी मेरा नाम उनकी सबसे हिट फिल्में हैं। साल 2001 में राष्ट्रपति ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। 1950 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म अफसर का निर्माण किया। इसके बाद निर्देशन की जिम्मेदारी उन्होंने बड़े भाई चेतन आनंद को सौंप दी। 1951 में देव आनंद ने अपने बैनर तले बाजी फिल्म बनाई। गुरुदत्त के निर्देशन में बनी फिल्म बाजी की सफलता के बाद देव आनंद फिल्म इंडस्ट्री मे एक अच्छे अभिनेता के रूप में शुमार हो गए।

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गुरु दत्त और देव आनंद - फोटो : सोशल मीडिया

मिले कई अवॉर्ड्स
देव आनंद को अपनी फिल्म की सफलताओं और निर्देशन के लिए कई अवॉर्ड्स मिले। 2001 में देव आनंद को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, इसके बाद अगले साल 2002 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला। देव आनंद को 1991 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था। 

अभिनेत्री सुरैया से हुई मोहब्बत
फिल्म अफसर के निर्माण के दौरान देव आनंद का झुकाव फिल्म अभिनेत्री सुरैया की ओर हो गया था। एक गाने की शूटिंग के दौरान देव आनंद और सुरैया की नाव पानी में डूब गई थी, जिसके बाद देव आनंद ने सुरैया की जान बचाई और सुरैया देव आनंद से प्यार करने लगीं। हालांकि सुरैया की नानी के इनकार करने की वजह से यह जोड़ी अपने मुकाम तक ना पहुंच सकी।

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