दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार फिल्म जगत के एक ऐसे अभिनेता थें, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा बनें। मनोज कुमार से लेकर अनुपम खेर और शाहरुख खान तक हर किसी कलाकार को दिलीप साहब ने प्रेरित किया। परदे पर दिलीप कुमार जितना अच्छा अभिनय करते थें, उतने ही नेक दिल के वो अपनी असल जिंदगी में थें। दिलीप कुमार के पास जब भी कोई जाता था या वो किसी के अंदर प्रतिभा देखते थें तो वो उसकी मदद करने से बिलकुल भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं बल्कि कई इंडस्ट्री के लोगों को मौके दिए। बता दें कि भारत के एक मशहूर क्रिकेटर का करियर बनाने में भी दिलीप कुमार ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई थी।
दरियादिली: दिलीप कुमार ने संवारा इस मशहूर क्रिकेटर का करियर, बीसीसीआई से की थी यह सिफारिश
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बीसीसीआई से दिलीप कुमार ने यशपाल के लिए की थी सिफारिश
यशपाल शर्मा ने एक मीडिया बातचीत में ये बताया था कि उनके करियर को दिशा देने में दिलीप कुमार का बहुत बड़ा हाथ था। इस बातचीत में उन्होंने कहा, 'क्रिकेट में मेरी जिंदगी बनाने वाले वो ही हैं। उन्होंने मुझे रणजी ट्रॉफी से बीसीसीआई तक पहुंचाया, उनका नाम युसूफ भाई हैं, जिन्हे आप लोग दिलीप कुमार के नाम से जानते हैं। मैं उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ हूं। जब भी वो बीमार होते हैं तो मुझे तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार उनके पसंदीदा अभिनेता होने के साथ-साथ उनकी जिंदगी में बहुत ही खास हैं। उनकी वजह से ही वो खुद की प्रतिभा को दुनिया के सामने दिखा पाए।
रणजी ट्रॉफी खेलते देखा था
यशपाल ने मीडिया बातचीत में ये भी बताया कि ये दिलीप कुमार का विश्वास ही था मैं अंतराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल सकता हूं। उन्होंने कहा, 'वो पहली बार मेरा एक रणजी ट्रॉफी मैच देखने आए थें। मैं दूसरी पारी में अपने दूसरे शतक के करीब था। दिलीप साहब ने मेरा मैच देखने के बाद बीसीसीआई से बात कि और कहा कि पंजाब का एक लड़का आया है आप उसे देख लीजिए। उसमें अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की कला है। यूसुफ भाई ने बीसीसीआई को मेरी प्रतिभा के बारे में बताया और मेरे लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर मैच खेलने के रास्ते खोल दिए।'
दिलीप कुमार का विश्वास आया काम
दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का यशपाल शर्मा की प्रतिभा पर विश्वास करना सही साबित हुआ। पंजाब के रणजी ट्रॉफी खेलने वाले यशपाल शर्मा ने 1978 में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अपना वनडे खेला और फिर 1979 में अपना टेस्ट डेब्यू किया। अपने साढ़े छह साल के क्रिकेट करियर में उन्होंने 37 टेस्ट मैचों में 1606 रन बनाए। इसके अलावा वनडे में भी उनकी बल्ला खूब बोला। यशपाल शर्मा के क्रिकेट करियर में उन्हें सबसे बड़ा मौका तब मिला जब 1983 विश्व कप हुआ। उस विश्व कप में यशपाल शर्मा ने कुछ अच्छी पारियां खेली थीं। भारत को विश्कप जिताने में उन्होंने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हमेशा यादों में रहेंगे जिंदा
7 जुलाई 2021 की सुबह सिनेमा प्रेमियों और देश के लिए एक दुखद खबर सामने लाई। सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर दिलीप कुमार ने अंतिम सांस ली। दिलीप कुमार 98 साल के थे और मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में इलाज चल रहा था। दिलीप साहब कई बार अस्पताल गए और हर बार मौत को मात देकर वापस लौटे लेकिन आज सुबह उन्होंने हमेशा हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया।