नोरा फतेही ने हाल ही में बॉलीवुड में अपने सफर के बारे में बात की। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) में अभिनेत्री ने खुलासा किया कि कैसे एक न्यूकमर के रूप में उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। शुरुआत में, वह ऐसे लोगों से मिलीं जो दावा करते थे कि वे उनकी मदद कर सकते हैं लेकिन उनके इरादे छिपे हुए थे। कुछ लोगों ने उन्हें बड़े प्रोडक्शन हाउस से जोड़ने का वादा किया, लेकिन इससे अक्सर डरावनी स्थितियां पैदा हुईं। नोरा ने कुछ अन्य बड़े खुलासों से भी हर किसी को दंग कर दिया है।
Nora Fatehi: क्या कैटरीना कैफ बनना चाहती हो? नोरा फतेही को करियर के शुरुआत में ही लेनी पड़ी थेरेपी
नोरा फतेही ने इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत और कठिन परिस्थितियों के बारे में खुलकर बात की है। साथ ही इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर क्या और कैसा असर पड़ा। इसका भी खुलासा करती नजर आई हैं।
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नोरा ने सुनाए मासूम दिनों के डरावने किस्से
नोरा फतेही सिर्फ 22 साल की थीं और कनाडा से भारत में नई-नई बसी थीं। किसी को जाने बिना, वह अक्सर गलत लोगों पर भरोसा करती थीं, यह मानकर कि उनके इरादे अच्छे थे। राजीव मसंद के साथ बातचीत में नोरा ने बताया, 'अब, मैं कहूंगी कि मैं आपके साथ क्यों आ रही हूं? आप मुझसे क्या चाहते हैं? जाहिर है, कोई भी कुछ भी मुफ्त में नहीं करता है, लेकिन उस समय, मैं ऐसी थी जैसे कि भगवान ने इस व्यक्ति को मेरे पास भेजा है और मैंने अपने भोलेपन की वजह से बहुत सारे बेवकूफों का अनुसरण किया।'
हर राह पर मिली चुनौती
उन्हें धीरे-धीरे पता चला कि जब ये लोग उन्हें सही लोगों से मिलवाते थे, तब भी इनमें से कुछ लोग बदले में कुछ पाने की उम्मीद करते थे, जिससे उन्हें असुरक्षित महसूस होता था। नोरा ने कहा, 'इसने मुझे वास्तव में डरावनी स्थितियों में डाल दिया, जहां आखिरी में शख्स ऐसा कहेगा कि चलो, मुझे इससे क्या मिलेगा?' और इसने मुझे इन डरावनी स्थितियों में पहुंचा दिया जहां मुझे उस व्यक्ति से लड़ना पड़ा। ये वाकई में बेहद अजीब था।'
धीरे-धीरे समझ आए दांवपेंच
नोरा ने धीरे-धीरे हताश दिखने की स्थिति से बचना सीख लिया, क्योंकि यह अक्सर मुसीबतों को आमंत्रित करता था। इसके बजाय, उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि वह अभिनय के लिए तैयार हैं लेकिन पढ़ाई के लिए घर लौटने के लिए भी तैयार हैं। इस दृष्टिकोण ने उन्हें अवांछित ध्यान से बचने में मदद की। हालांकि, नोरा को इंडस्ट्री में जिस अस्वीकृति का सामना करना पड़ा, उससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ा और अभिनेत्री ने इससे निपटने के लिए थेरेपी की मांग की।
थेरेपी लेने की पड़ गई जरूरत
नोरा को याद आया कि लोग पूछते थे कि क्या वह 'अगली कैटरीना कैफ' बनना चाहती हैं, जिससे उनका सपना असंभव लगने लगा था। नोरा ने अपनी बात में जोड़ा, 'आप में से बहुत से लोग अच्छे नहीं हैं, बहुत से लोग 'क्या आप अगली कैटरीना कैफ बनना चाहते हैं?' जैसे सवाल पूछकर आपका मनोबल तोड़ देते हैं। मैंने थेरेपी की तलाश की क्योंकि जब आपको बहुत अधिक अस्वीकृति मिलती है, जो मुझे बहुत मिली तो आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।' उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन इसने उन्हें मजबूत बनाया। अब, नोरा को बॉलीवुड में सफलता मिल गई है, लेकिन उनकी यात्रा ने उन्हें सावधान रहना और खुद के प्रति सच्चा रहना सिखाया है।
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