शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन की मशहूर फिल्म देवदास का गाना डोला रे डोला बेहद मशहूर रहा और इसका फिल्मांकन भी काफी पसंद किया गया। इसके लिए फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने भव्य सेट लगवाया था। इस गीत को हिंदी सिनेमा के सबसे महंगे गीतों में से एक माना जाता है। फिल्म की कोरियोग्राफर सरोज खान के मुताबिक गाने की शूटिंग पर करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा भी हिंदी फ़िल्मों के कई गाने हैं जिनको फिल्माने में पैसा पानी की तरह बहाया गया। ऐसे ही गानों पर एक नजर
हिंदी फिल्मों के इन 5 गानों को फिल्माने में बहाया गया था पानी की तरह पैसा, आइए डालते हैं एक नजर
मलंग (धूम 3)
फिल्म जानकारों के मुताबिक धूम-3 के गाने 'मलंग' पर करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च हुआ। आमिर खान और कटरीना कैफ पर फिल्माए इस गाने को फिल्माने के लिए 200 विदेशी जिम्नास्ट बुलाए गए।
था करके (गोलमाल)
रोहित शेट्टी की 'गोलमाल2' के गाने 'था करके' में 10 लग्ज़री कारों को उड़ाया गया। गाने में 1000 डांसर के साथ-साथ 200 ट्रेंड फाइटर को भी लिया गया। गाने को मुंबई में ही 12 दिनों की लगातार शूटिंग कर फिल्माया गया।
जब प्यार किया तो डरना क्या
1960 में आई निर्देशक के आसिफ की फिल्म "मुगल-ए-आजम" के गाने जब प्यार किया तो डरना क्या के लिए शीशमहल का सेट लगाया गया। शीशमहल की हूबहू रेप्लिका बनाने में दो साल लगे। फिल्म इतिहास के जानकारों के मुताबिक 150 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े इस महल को बनाने में बाकी फिल्म के बजट से भी ज़्यादा पैसा लगा। फिल्म के लिए खास बेल्जियम से मंगाए गए कांच का इस्तेमाल किया गया। दिलचस्प बात ये है कि मुगल-ए-आज़म एक ब्लैक एंड व्हाइट फ़िल्म थी लेकिन इस गीत को टेक्नी कलर में फिल्माया गया। फिल्म विशेषज्ञों के मुताबिक आज के दौर में इस गीत को फ़िल्माया जाता तो करीब 2.5 करोड़ रुपए लगते।
फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के शीशमहल जैसी हूबहू कॉपी फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो' के लिये तैयार की गई थी जिसे लगभग 300 कारीगरों ने मिल कर बनाया। फिल्म के इसी सेट पर फ़िल्म का टाइटल सॉन्ग भी फिल्माया गया था। इस सेट के लिए निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या ने करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए। सेट डिजाइनर नितिन देसाई ने बताया, "हमने सेट बनाने के लिए 300 मजदूर लगाए फिर भी 5-6 महीने लगे।"

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