सोमवार को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के दौरान 'फ्री कश्मीर' का प्लेकार्ड दिखाने वाली लड़की सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गई। लड़की की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जाने लगा। कुछ लोग सर्मथन में दिखे तो कुछ लोग विरोध में। वहीं कुछ वक्त के बाद ही उस लड़की का स्पष्टीकरण भी सामने आया। दरअसल जिस लड़की की बात यहां हो रही है, उनका नाम है महक मिर्जा प्रभु। इस स्टोरी में बताते हैं आपको महक मिर्जा प्रभु के बारे में....
'फ्री कश्मीर' का प्लेकार्ड दिखाकर सुर्खियों में आई ये लड़की, जानें कौन हैं महक मिर्जा प्रभु
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कौन हैं महक
महक का पूरा नाम महक मिर्जा प्रभु है। 1982 में जन्मी महक मुंबई की रहने वाली हैं। महक एक कहानीकार (स्टोरीटेलर) हैं। वह छोटी काल्पनिक कहानियां गढ़ती हैं और लोगों को उन कहानियों को सुनाती हैं। कहानीकार के साथ ही साथ महक ब्लॉगर और लेखक भी हैं। 2018 में महक का वीडियो 'अम्मी का मोबाइल फोन' भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया था।
महक एक स्टोरी टेलिंग का ऑनलाइन स्कूल चलाती हैं, जिसका नाम झुमरीतिलैया है। सोशल मीडिया सहित यू-ट्यूब पर महक के कई वीडियोज हैं, जिनके लाखों में व्यूज हैं।योर कोट और टिंडर के साथ महक का एक वीडियो 'फिर मोहब्बत करनी है' सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसके साथ ही महक टेड टॉक्स पर भी नजर आ चुकी हैं।
क्या है महक का विवाद पर जवाब
'फ्री कश्मीर' का प्लेकार्ड दिखाने के बाद महक मिर्जा प्रभु ने स्पष्टीकरण देते हुए एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में लड़की कह रही है, 'मेरा नाम महक है। मैं मुंबई में रहती हूं और मैं लेखक हूं। 'फ्री कश्मीर' पोस्टर पर मैंने कई प्रतिक्रियाएं देखी हैं। इस प्लेकार्ड की गलत व्याख्या की जा रही है। कल (सोमवार) को मैं सात बजे के करीब गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंची। हम जेएनयू के छात्रों के समर्थन में नारे लगा रहा थे। मैनें देखा कि कुछ लोग प्लेकार्ड बना रहे हैं। वहां पर एनआरसी, सीएए और हर विषय पर प्लेकार्ड बन रहे थे। वहां पर एक प्लेकार्ड था जिस पर 'फ्री कश्मीर' लिखा था। मैं कश्मीरी नहीं हूं। मैं मराठी हूं लेकिन प्लेकार्ड को लेकर जो बातें कहीं जा रही हैं वे पूरी तरह से गलत हैं।'
वायरल वीडियो में महक ने आगे कहा, 'गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के दौरान एक पोस्टर उठाया था। यह पोस्टर वहां ही पड़ा था। मैंने इसे सिर्फ इसलिए उठाया था क्योंकि मैं कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवा बहाल करने की बात कहना चाह रही थी। मैं कश्मीरी नहीं बल्कि मुंबई की रहने वाली हूं। मैं किसी गैंग का हिस्सा नहीं हूं।''
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