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B'Day Spl: फिल्में छोड़ बने माली, टॉयलेट भी साफ करने लगे थे विनोद खन्ना
amarujala.com- Presented by: हर्षिता
Updated Fri, 06 Oct 2017 09:43 AM IST
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विनोद खन्ना
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एक सुपरस्टार के लिए वाकई बड़ी बात थी। कुछ दिन पहले जो शख्स महंगी कार, कीमती कपड़़े और आलीशान घर में रहता था, कुछ ही दिनों में वह टॉयलेट साफ कर रहा था, माली का काम कर रहा था। यहां तक कि बर्तन भी साफ करता था।
vinod khanna
साल 2002 में दिये अपने एक इंटरव्यू में विनोद खन्ना ने बताया कि नाम और पैसा कमाने के बावजूद उन्हें जिंदगी में कुछ खालीपन सा लग रहा था। इसे पूरा करने के लिए वह सन्यासी बने और पूरे चार साल तक अमेरिका में आध्यात्निक गुरु ओशो के आश्रम में बिताए।
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विनोद खन्ना
- फोटो : SELF
आश्रम में विनोद खन्ना हर वो काम करते थे जो शायद एक सेलिब्रिटी रहते उन्होंने कभी करने की सोची भी न होगी। वो सुपरस्टार जो शायद फिल्मों में पहने अपने कपड़े को दोबारा शरीर से लगाता भी न होगा, वह आश्रम जाते ही किसी के लिए मैनेक्वीन तक बन गया था। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि ओशो से उनकी कद-काठी इतनी मिलती-जुलती थी कि गुरु से पहले उन्हें उनके कपड़े पहनाए जाते थे।
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विनोद खन्ना
विनोद खन्ना करीयर के शीर्ष पर पहुंचकर रिटायरमेंट लेने वाले पहले बॉलीवुड एक्टर थे। पहले डाकू के रोल से लोगों को डराया, फिर पुलिसवाला बनकर उनका दिल जीता भी। लव मेकिंग सीन दिया तो इंडस्ट्री में नया ट्रेंड सेट हो गया पर जब सब सन्यासी बनने का फैसला लिया तो किसी को यकीन नहीं हुआ।
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विनोद खन्ना
1980 में विनोद खन्ना का मन फिर बदला। वह अपने परिवार के पास वापस लौटना चाहते थे। हालांकि ओशो की ओर से उन्हें ऑफर भी दिया गया कि वह चाहें तो पुणे के आश्रम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन विनोद खन्ना ने इंकार कर दिया।