फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गुरु दत्त की वजह से इस सिंगर ने खो दी थी याददाश्त, आर्थिक तंगी के बीच 41 की उम्र में छोड़ दी दुनिया

Fri, 20 Jul 2018 07:24 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 20 Jul 2018 07:24 AM IST
विज्ञापन
geeta dutt death anniversary life story

हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिका गीता दत्त के गाने सुनकर आज भी साथ-साथ गुनगुनाने लगते हैं। 1930 में जन्मीं गीता दत्त ने केवल 41 साल की उम्र में 20 जुलाई 1972 को दुनिया छोड़ दी। इतने कम समय में गीता दत्त ने सिनेमा की दुनिया में ऐसी छाप छो़ड़ी की आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। 

geeta dutt death anniversary life story

गीता दत्त का जन्म बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में हुआ था। 40 के दशक में उनका परिवार कोलकाता और फिर मुंबई आ गया। उनकी मां अमिय देवी एक कवियत्री थीं जबिक भाई मुकुल रॉय संगीतकार थे। शायद इसी का असर था कि बचपन से ही गीता दत्त का रुझान संगीत की ओर था। 1946 में रिलीज हुई फिल्म 'भक्त प्रह्लाद' में गीता दत्त को पहला मौका मिला हालांकि गाने में उनके हिस्से केवल 2 लाइनें ही आईं।

geeta dutt death anniversary life story

गीता दत्त को बड़ा मौका फिल्म 'दो भाई' में मिला। फिर आई गुरु दत्त की फिल्म 'बाजी', जिसमें उनका गाया गाना 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले..' सुपरहिट रहा। इसी फिल्म से गीता दत्त और गुरु दत्त की दोस्ती हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल गई। दो साल बाद ही 1953 में दोनों ने शादी कर ली। गुरु दत्त और गीता दत्त के तीन बच्चे तरुण, अरुण और नीना हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन
geeta dutt death anniversary life story

शादी के कुछ ही साल बाद गुरु दत्त और गीता दत्त के बीच मनमुटाव शुरू हो गया। इसकी वजह गुरु दत्त का वहीदा रहमान की तरफ झुकाव था। ऐसा कहा जाता है कि वहीदा रहमान और गुरु दत्त एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन गुरु दत्त शादी शुदा थे। वहीदा रहमान को लेकर गुरुदत्त और गीता दत्त में आए दिन झगड़े होते रहते थे। साल 1957 में गुरु दत्त और गीता दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और दोनों अलग-अलग रहने लगे।

विज्ञापन
geeta dutt death anniversary life story

निजी जिंदगी का असर गीता दत्त के करियर पर भी पड़ा। गुरु दत्त गीता को लेकर एक फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन पति के अफेयर की खबरों से नाराज गीता ने फिल्म अधूरी ही छोड़ दी। दूसरी ओर बाकी संगीतकार भी उनकी अनुशासनहीनता से परेशान हो गए थे। गीता दत्त वक्त पर नहीं पहुंचती थीं जिस वजह से लोग धीरे-धीरे उनसे मुंह मोड़ने लगे। 1964 में गुरु दत्त का निधन हो गया। कहा जाता है नींद की गोलियां खाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। वहीं गीता दत्त भी टूट चुकी थीं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed