हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और 'बैडमैन' के नाम से मशहूर गुलशन ग्रोवर अपना जन्मदिन 21 सितंबर को मनाते हैं। गुलशन ग्रोवर हिंदी सिनेमा के टॉप कलाकारों में से एक हैं। वह अपने खतरनाक विलेन किरदार से बड़े पर्दे पर खूब सुर्खियां बटोरी चुके हैं। गुलशन ग्रोवर ने अभिनय की दुनिया तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया। इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी किताब 'बैडमैन' में किया है।
स्कूल की फीस के लिए कोठियों में बर्तन बेचते थे गुलशन ग्रोवर, कभी-कभी सोना पड़ जाता था भूखे पेट
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गुलशन ग्रोवर की जिंदगी को बयां करती किताब 'बैडमैन' पिछले साल आई थी। इस किताब को रोशमिला भट्टाचार्य ने लिखा है। किताब में गुलशन ग्रोवर ने अपनी जिदंगी के उन लम्हों को भी साझा किया है जब उनके और उनके परिवार के पास खाने के लिए पैसे नहीं थे। वह कई बार भूखे सो जाते थे। इतना ही नहीं अपनी पढ़ाई के लिए गुलशन ग्रोवर कोठियों में बर्तन बेचते थे।
किताब 'बैडमैन' के बारे में बात करते हुए गुलशन ग्रोवर ने अपने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैंने अपने जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे। मेरा बचपन बुरे हालातों में गुजरा। मुझे आज भी याद है कि मेरा स्कूल दोपहर का होता था, लेकिन मैं सुबह ही बस्ते में स्कूल की यूनिफॉर्म रखकर घर से निकल जाता था। हर सुबह मैं अपने घर से दूर बड़ी-बड़ी कोठियों में बर्तन और कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर बेचा करता था।'
गुलशन ग्रोवर ने आगे कहा, 'मैं कभी डिटर्जेंट पाउडर, तो कभी फिनाइल की गोलियां और कभी पोछे बेचता था। मैं यह सब बेचकर पैसा कमाता था, जिससे स्कूल की फीस भर सकूं। उन कोठियों में रहने वाले लोग भी मेरी मदद करने के लिए मुझसे सामान खरीद लेते थे, क्योंकि वह सब चाहते थे कि मैं आगे पढ़ाई करता रहूं। मैं अपनी गरीबी से कभी नहीं घबराया। इसकी सबसे बड़ी वजह मेरे पिता जिन्होंने हमेशा हमें ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलना सिखाया था।'
गुलशन ग्रोवर ने आगे कहा था, 'मैंने अपनी किताब में माता-पिता से जुड़ी यादों का जिक्र किया है। उन दिनों हमारे पास खाने के लिए भी पैसे नहीं थे। कई दिन भूखे रहना पड़ता था। मुझे इस बात को कहने में कोई शर्म नहीं है कि कॉलेज तक हमारा हाल ऐसी ही रहता था। जब मैं अभिनय के लिए मुंबई आया तब भी कई बार भूखा ही सोना पड़ता था। मैं हर दिन यही सोचता था कि आज का दिन कहा निकालूं, कहा जाऊं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। जीतने की कोशिश करता रहा हूं।' बता दें कि गुलशन ग्रोवर ने अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, पंजाबी और मराठी फिल्मों में भी किया काम किया। उन्होंने करीब 400 फिल्मों में अभिनय किया है।
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