भजन सम्राट के नाम से मशहूर रहे गुलशन कुमार की 5 मई को बर्थ एनिवर्सरी होती है। वह एक ऐसे भक्ति गायक रहे, जिनके भजन सुनने के बाद आज भी भक्त मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। गुलशन कुमार का नाम बॉलीवुड में अब भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। वह एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर कम समय में ही तेजी से सफलता हासिल कर ली थी। दिल्ली शहर से ताल्लुक रखने वाले गुलशन कुमार को धीरे-धीरे पूरे देश में पहचाना जाने लगा था और वह जल्दी ही बॉलीवुड की दुनिया का जाना माना नाम बन गए थे। भले ही आज गुलशन कुमार हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके भजन और उनके द्वारा स्थापित की गई कंपनी टी सीरीज आज भी ऊंचाइयों पर है और फिल्म इंडस्ट्री को कई हिट गाने दे रही है। गुलशन कुमार के करियर में सफलता पाने का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जानिए उनकी जर्नी के बारे में।
Gulshan Kumar Birth Anniversary: जूस की दुकान लगाने वाले गुलशन कुमार ऐसे बने भजन सम्राट, खड़ी कर दी खुद की कंपनी 'टी सीरीज'
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पिता के साथ जूस की दुकान चलाते थे गुलशन कुमार
दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में जन्में गुलशन कुमार का पूरा नाम गुलशन कुमार दुआ था। उनके पिता चंद्रभान दुआ की दरियागंज में जूस की दुकान हुआ करती थी। गुलशन कुमार भी अपने पिता का इसमें हाथ बंटाते थे। यहीं से उन्होंने अपना खुद का बिजनेस करने की सोची और ये काम छोड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोल ली, जहां वह कम पैसों में गानों की कैसेट्स बेचने लगे।
ऐसे रखी टी सीरीज की नींव
कुछ ही समय में गुलशन कुमार का कैसेट बेचने का काम आगे बढ़ गया और उन्होंने टी सीरीज की नींव रखी। इसके बाद वह मुंबई चले गए। गुलशन कुमार एक अच्छे गायक भी थे। अपने भजनों से वह तेजी से प्रसिद्धि पाते चले गए। उनके भजन लोगों के दिल को छू जाते हैं।
समाज सेवा कर कायम की मिसाल
गुलशन कुमार ने न सिर्फ खुद प्रसिद्धि हासिल की बल्कि उन्होंने अपने कमाए पैसों में से समाज सेवा के लिए भी कार्य किए। उन्होंने माता वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की थी, जो आज भी लगातार चलता है। इस भंडारे में तीर्थ यात्रियों के लिए निशुल्क भोजन हमेशा उपलब्ध रहता है।
कहते हैं कि जब कोई तेजी से सफल होता है तो दोस्त से ज्यादा उसके दुश्मन बन जाते हैं और ऐसा ही कुछ हुआ गुलशन कुमार के साथ। किसे पता था कि यह सफलता उनकी जान की दुश्मन बन जाएगी। 12 अगस्त 1997 का मनहूस दिन था जब बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।