80-90 के दशक में घर-घर में बजने वाले धार्मिक गानों का गायक चाहे कोई भी हो लेकिन उनकी पहचान टी-सीरिज कंपनी के निर्माता गुलशन कुमार के नाम से हुआ करती थी। पंजाबी परिवार में जन्मे गुलशन कुमार के पिता दिल्ली के दरियागंज बाजार में फ्रूट जूस बेचा करते थे। गुलशन कुमार जब 23 साल के थे तब उन्होंने अपने परिवार की मदद से एक दुकान ली और वहां से सस्ते ऑडियो कैसेट बेचने का काम शुरू कर दिया। इसे बाद उन्होंने अपना खुद का काम करने का फैसला किया और दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोली। गुलशन कुमार ने कड़ी मेहनत से कुछ साल में ही अपनी कंपनी को देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी बना दिया।
{"_id":"6113bc898ebc3e5de540c04f","slug":"gulshan-kumar-death-anniversary-16-bullets-fired-on-gulshan-kumar-abu-salem-kept-shouting-on-the-phone","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पुण्यतिथि: गुलशन कुमार पर दागी गई थीं 16 गोलियां, फोन पर चीखें सुनता रहा था अबू सलेम","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
पुण्यतिथि: गुलशन कुमार पर दागी गई थीं 16 गोलियां, फोन पर चीखें सुनता रहा था अबू सलेम
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: स्वाति सिंह
Updated Thu, 12 Aug 2021 01:11 PM IST
विज्ञापन
गुलशन कुमार
- फोटो : Twitter
Trending Videos
गुलशन कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
गुलशन कुमार असल में पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने शुरुआती समय में अपने पिता चंद्र भान दुआ के साथ दिल्ली की दरियागंज मार्केट में जूस की दुकान चलाते थे। इसके बाद ये काम छोड़ उन्होंने दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोली जहां वो सस्ते में गानों की कैसेट्स बेचते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुलशन कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने 1983 में टी-सीरिज की शुरुआत की। इसके बाद वह देश में सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले शख्स बने। वैष्णो देवी में उनके नाम से भंडारा चलता है। लेकिन नब्बे का दशक मायानगरी मुंबई के लिए किसी काले साये से कम नहीं रहा। उस दौर में अंडरवर्ल्ड की साख भी मजबूत हो रही थी। दाऊद इब्राहिम और उसके राइट हैंड माने जाने वाले अबू सलेम का दबदबा था।
गुलशन कुमार
- फोटो : Social Media
1993 में बम धमाके से मुंबई दहल गई थी। जबकि 12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई। जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर उनके शरीर को 16 गोलियों से छलनी कर दिया गया। वह गोलियां यूं ही नहीं बरसी थीं।
विज्ञापन
गुलशन कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
गुलशन कुमार हर रोज उस मंदिर में आरती करते थे। उस दिन सुबह ठीक 10: 40 पर उन्होंने मंदिर में पूजा समाप्त की और जैसे ही अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, लंबे बालों वाला एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आकर खड़ा हो गया और उसने चिल्लाकर कहा- बहुत पूजा कर ली अब ऊपर जाकर पूजा करना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बात को बोलते ही उस आदमी ने गुलशन कुमार को गोली मार दी। गोली सीधे उनके सिर पर लगी।
