लफ्जों के जादूगर कहे जाने वाले गुलजार आज अपना 87वां जन्मदिन बना रहे हैं। गुलजार साहब का जन्म पंजाब के झेलम में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। 18 अगस्त 1934 को सिख परिवार में जन्मे गुलजार का असली नाम संपूर्ण सिंह कालरा है। बंटवारे के बाद वह अमृतसर में आकर बस गए थे, लेकिन गुलजार का मन अमृतसर में नहीं लगा और वो मुंबई चले गए। मुंबई में गुलजार किस्मत चमकी और मशहूर शायर, लेखक, गीतकार, निर्माता और निर्देशक के रुप में उनकी पहचान बनी। बॉलीवुड में काम के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म अभिनेत्री राखी से हुई। दोनों ने एक दूसरे से शादी भी की लेकिन एक रात ने दोनों की जिंदगी को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। जानिए है क्या है उस रात की कहानी?
जन्मदिन: गुलजार को ‘जय हो’ गाने के लिए मिला था ग्रैमी अवॉर्ड, एक रात ने बदल दी उनकी निजी जिंदगी
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फिल्मों में काम करना चाहती थीं राखी
शादी के बाद राखी को लगा कि फिल्में छोड़ने का उनका फैसला गलत है और वह फिर से फिल्मों में वापसी की कोशिश करने लगीं। इसे लेकर अक्सर उनके और गुलजार के बीच लड़ाई हो जाया करती थी। रिश्तों की इस तमाम खींचतान के दौरान राखी ने बेटी मेघना को जन्म दिया।
एक रात ने बदल दी जिंदगी
ये किस्सा साल 1975 को आई फिल्म 'आंधी' की शूटिंग के दौरान का है। फिल्म की शूटिंग कश्मीर में चल रही थी। उस दौरान राखी भी गुलजार के साथ थीं। गुलजार अपने काम में व्यस्त रहते और राखी अकेली कमरे में रहती थीं। एक दिन फिल्म 'आंधी' की यूनिट की पार्टी चल रही थी, फिल्म में लीड स्टार संजीव कुमार नशे की हालत में अभिनेत्री सुचित्रा के करीब जाने की कोशिश कर रहे थे। इससे सुचित्रा काफी नाराज हो गईं थी। इसके बाद गुलजार सुचित्रा को उनके कमरे में छोड़ने जा ही रहे थे कि उन्हें रास्ते में राखी मिल गई। दोनों को साथ में देखकर राखी बेहद गुस्सा हो गई थीं।
मारपीट तक पहुंच गई बात
उस रात गुलजार और राखी के बीच जबरदस्त लड़ाई हुई। गुलजार को राखी का इस तरह सबके सामने गुस्सा होना पसंद नहीं आया। इतना ही नहीं, कहा जाता है कि बात इतनी बिगड़ गई कि गुलजार ने राखी को पीट दिया। बाद में गुलज़ार ने राखी को मनाने की काफी कोशिश की मगर वह नहीं मानी। खफा राखी गुलजार से अलग रहने लगी और यश चोपड़ा की फिल्म 'कभी-कभी' साइन कर ली। राखी के फिल्म करने के बाद से दोनों के रास्ते हमेशा के लिए जुदा हो गए। शादी के कुछ समय बाद ही अलग होने के बावजूद दोनों ने कभी तलाक नहीं लिया। आज भी दोनों अलग अलग रहते हैं। उनकी बेटी मेघना गुलजार मशहूर फिल्म निर्माता हैं. उन्होंने हाल में 'राजी' और 'छपाक' जैसी फिल्म बनाई है।
फिल्म इंडस्ट्री में गुलजार की पहचान
गुलजार ने 'आंधी', 'मौसम', 'मिर्जा गालिब', जैसी मशहूर और यादगार फिल्मों का निर्देशन किया है। वह आज भी इस उम्र में बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए गीत लिखते हैं। उनके इस योगदान के लिए उन्हें 2004 में पद्मभूषण से नवाजा गया था। इतना ही नहीं उन्हें 20 बार फिल्मफेयर और 5 बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। साल 2010 में उन्हें 'स्लमडॉग मिलेनियर' के गाने 'जय हो' के लिए ग्रैमी अवॉर्ड मिल चुका है।