60 के दशक में फिल्म बंदिनी से बतौर गीतकार अपना करियर शुरू करने वाले गुलजार ने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक बेहतरीन गाने दिए हैं। 83 साल के हो चुके गुलजार मुंबई पहुंचकर एक गराज में मैकेनिक का काम करते थे। खाली वक्त में वो कविताएं और शायरी लिखते थे। उनके जन्मदिन पर ऐसे ही कुछ चुनिंदा गाने जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
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'रोज-रोज आंखों तले' से लेकर 'मेरा कुछ सामान' तक, गुलजार ने बॉलीवुड को दिए कभी ना भूलने वाले गाने
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:46 AM IST
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गुलजार
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मासूम
तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं
तेरे मासूम सवालों से परेशान हूं मैं
साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म मासूम के इस गाने के फीमेल वर्जन को लता मंगेशकर ने गाया है, जबकि मेल वर्जन को अनूप घोषाल ने गाया है। इसे आरडी बर्मन ने संगीतबद्ध किया।
तेरे मासूम सवालों से परेशान हूं मैं
साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म मासूम के इस गाने के फीमेल वर्जन को लता मंगेशकर ने गाया है, जबकि मेल वर्जन को अनूप घोषाल ने गाया है। इसे आरडी बर्मन ने संगीतबद्ध किया।
आंधी
तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना जिंदगी भी लेकिन जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं
संजीव कुमार और सुचित्रा सेन पर फिल्माए गए आंधी (1975) के इस गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी, जबकि आरडी बर्मन ने इसका संगीत दिया है।
तेरे बिना जिंदगी भी लेकिन जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं
संजीव कुमार और सुचित्रा सेन पर फिल्माए गए आंधी (1975) के इस गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी, जबकि आरडी बर्मन ने इसका संगीत दिया है।
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गोलमाल
आने वाला पल जाने वाला है
हो सके तो इसमें जिंदगी बिता दो
पल जो ये जाने वाला है
किशोर कुमार का गाया सुपरहिट गाना फिल्म गोलमाल (1979) से है। इसका संगीत भी आरडी बर्मन ने दिया है। फिल्म में अमोल पालेकर और बिंदिया गोस्वामी ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
हो सके तो इसमें जिंदगी बिता दो
पल जो ये जाने वाला है
किशोर कुमार का गाया सुपरहिट गाना फिल्म गोलमाल (1979) से है। इसका संगीत भी आरडी बर्मन ने दिया है। फिल्म में अमोल पालेकर और बिंदिया गोस्वामी ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
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जीवा
रोज-रोज आंखों तले, एक ही सपना चले
रात भर काजल जले, आंख में जिस तरह
ख्वाब का दिया जले
1986 में रिलीज हुए जीवा फिल्म के इस गाने को आशा भोसले और अमित कुमार ने गाया है। संजय दत्त और मंदाकिनी पर फिल्माए गए इस गाने का संगीत आरडी बर्मन ने दिया है।
रात भर काजल जले, आंख में जिस तरह
ख्वाब का दिया जले
1986 में रिलीज हुए जीवा फिल्म के इस गाने को आशा भोसले और अमित कुमार ने गाया है। संजय दत्त और मंदाकिनी पर फिल्माए गए इस गाने का संगीत आरडी बर्मन ने दिया है।