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बॉलीवुड: गुलजार का खुलासा, जब एक किरदार से बचने के लिए गंजे हो गये थे किशोर कुमार

Thu, 21 Oct 2021 08:47 PM IST
ललित फुलारा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Thu, 21 Oct 2021 08:47 PM IST
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Gulzar revealed in the book  When Kishore Kumar went bald to avoid a character
किशोर कुमार और गुलजार - फोटो : सोशल मीडिया

कवि और गीतकार गुलजार ने किशोर कुमार के बारे में एक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक फिल्म की शूटिंग से पहले किशोर कुमार गंजे हो गये थे। दरअसल, किशोर कुमार के गंजे होने की वजह कुछ और नहीं, बल्कि फिल्म में नायक की भूमिका निभाने से बचना था। इस बात का विस्तार से जिक्र गुलजार ने अपनी किताब  'एक्चुअली... आई मेट देम: ए मेमॉयर' में किया है। 



किताब में गुलजार ने बताया है कि फिल्म 'आनंद' में नायक की भूमिका निभाने से बचने के लिए किशोर कुमार पूरी तरह से गंजे हो गये थे। गुलजार ने लिखा है कि 1971 में आई फिल्म आनंद में अभिनेता राजेश खन्ना के बजाय किशोर कुमार शुरू में अभिनय के लिए तैयार थे।

 

Gulzar revealed in the book  When Kishore Kumar went bald to avoid a character
किशोर कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

पर फिल्म की शूटिंग से कुछ दिन पहले किशोर कुमार पूरी तरह से गंजे हो गये थे। उन्होंने इस फिल्म में अपने रूप पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई थी जिसमें गंजे होकर सबको चौंका दिया था। गुलजार ने इस किस्से को अपनी किताब में जगह देते हुए लिखा है कि किशोर दा को गंजा देख हम सब चौंक गए!  किशोर दा नाचते और गाते हुए ऑफिस के चारों ओर गये और फिल्म के डायरेक्टर हृषिकेश मुखर्जी से पूछा-  ‘अब आप क्या करेंगे, ऋषि?’ 
 

Gulzar revealed in the book  When Kishore Kumar went bald to avoid a character
किशोर कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

इसके बाद राजेश खन्ना को बहुत ही कम वक्त में फिल्म आनंद में भूमिका के लिए तैयार किया गया।गुलजार ने लिखा है कि शायद किशोर कुमार कभी इस किरदार को निभाना नहीं चाहते थे। गौरतलब है कि फिल्म आनंद हिट रही थी।

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Gulzar revealed in the book  When Kishore Kumar went bald to avoid a character
फिल्म आनंद का एक सीन - फोटो : Twitter

फिल्म ने कई पुरस्कार जीते। साल 1972 में इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। अपनी किताब में गुलजार ने लिखा है कि किशोर कुमार की शरारतों का शिकार सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं, बल्कि कई प्रोड्यूसर भी हुए थे। वह अपने प्रोड्यूसर को संकट में डालते रहते थे।

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Gulzar revealed in the book  When Kishore Kumar went bald to avoid a character
किशोर कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

गुलजार ने लिखा है कि एक बार एक प्रोड्यूसर किशोर कुमार से उनके घर मुलाकात करने गए। पर किशोर कुमार उस वक्त उनसे बात करने के मूड में नहीं थे। ऐसे में उन्होंने अपनी अलमारी खोली और अंदर कदम रखा फिर गायब हो गए। एक बार किशोर कुमार ने एक फिल्म के गाने की रिकॉर्डिंग के वक्त चाय मांगी और जब चाय आई तो बिना पिये ही रिकॉर्डिंग करने के लिए आगे बढ़ गए। गौरतलब है कि 4 अगस्त 1929  को खंडवा में पैदा हुए किशोर कुमार हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय कलाकारों और गायकों में शामिल थे। वह बहु आयामी व्यक्तित्व के धनी थे। किशोर कुमार ने अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक के तौर पर इंडस्ट्री में प्रसिद्धि पाई।  उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। 70 और 80 के दशक में किशोर कुमार सबसे महंगे सिंगर थे। उन्होंने उस वक्त के सभी बड़े कलाकारों के लिए अपनी आवाज दी। खासकर राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन के लिए उनकी आवाज बेहद पसंद की जाती थी। राजेश खन्ना को सुपरस्टार बनाने में किशोर का बड़ा योगदान माना जाता है।


 

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