गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताय। संत कबीर दास के इस दोहे में गुरु के महत्व को बहुत ही सुदंरता से व्यक्त किया गया है। गुरु को वह माध्यम बताया गया है, जो ईश्वर से मिलवाने का रास्ता बताते हैं। यह बात पूर्णत सत्य है कि गुरु ही हमारे जीवन की दिशा बदलते हैं, हमें सफलता की राह दिखाते हैं। हिंदी फिल्मों में भी गुरु या शिक्षण की ऐसी ही छवि कई बार देखने को मिली है। यहां जानिए, उन फिल्मों के बारे में जिनमें गुरु या शिक्षक ने असंभव कार्य को भी संभव कर दिखाया।
Guru Purnima: कभी सपनों को दी उड़ान, कभी जीना सिखाया; इन फिल्मों ने समझाया गुरु का महत्व
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
Published by: पूनम कंडारी
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:11 AM IST
सार
Guru Purnima Special: भारतीय संस्कृति में गुरु का महत्व बहुत अधिक है। गुरु की तुलना ईश्वर से की गई है। गुरु के प्रति अपने समर्पण, श्रद्धा को व्यक्त करने के लिए ही हर वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। गुरु कैसे हमारे जीवन को बदलते हैं? उनका हमारे जीवन में क्या महत्व है? इस बात को कई फिल्मों में भी अभिव्यक्त किया गया है। आज गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026 ) के खास मौके पर जानिए, ऐसी ही कुछ चर्चित फिल्मों के बारे में।
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