चार्मी कौर भारतीय फिल्म अभिनेत्री और प्रोड्यूसर हैं। तेलुगू सिनेमा में उन्होंने अपनी अच्छी पहचान बनाई है। इसके अलावा उन्होंने तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सिनेमा की भी फिल्में की हैं। यूं तो चार्मी का जन्म 17 मई 1987 में लुधियाना के एक सिख परिवार में हुआ। मगर एक्टिंग और फिल्मों के शौक के चलते उन्होंने पंजाब छोड़ दक्षिण सिनेमा का रुख किया। आज साउथ इंडस्ट्री में उनके नाम का सिक्का चलता है। अपने पूरे करियर में वह 40 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। फिल्म 'मास' (2004), 'अनुकोकुंदा ओका रोजू' (2005), 'लक्ष्मी' (2006), 'पौर्नामी' (2006), और 'राखी' (2006) चार्मी की कुछ शानदार फिल्में हैं। हालांकि अब उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी हैं और प्रोड्यूसर की गद्दी पर काबिज हैं। आइए जानते हैं उनका फिल्मी सफर...
Charmy Kaur Birthday: चार्मी कौर ने पंजाब से निकलकर दक्षिण में फहराया झंडा, एक्टिंग के बाद संभाल रहीं प्रोड्यूसर की गद्दी
तेलुगू फिल्म से किया एक्टिंग डेब्यू
चार्मी कौर ने वर्ष 2002 में तेलुगू फिल्म 'नी तोडू कावली' से अपना फिल्मी करियर शुरु किया। इसमें उन्होंने हाउसवाइफ का किरदार निभाया। दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने यह फिल्म महज 15 साल की उम्र में की। उनकी यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई। मगर इस फिल्म ने चार्मी को दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अच्छी पहचान दिलाई। इसके बाद वह तमिल में टी. राजेंद्र की 'कधल अझीवथिल्लई' फिल्म में नजर आईं। इसमें वह सिलम्बरासन के साथ नजर आईं।
मलयालम इंडस्ट्री में मिली पहली हिट
वर्ष 2002 में ही उन्होंने मलयालम फिल्म 'कट्टूचेमबकम' में अभिनय किया। उनकी यह पहली हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म का निर्देशक मलयालम निर्देशक विनयन ने किया। इसके बाद वह 2007 में फिल्म 'मंत्रा' में नजर आईं। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राज्य नंदी पुरस्कार मिला। बाद वह फिल्म 'मनोरमा' (2009), 'काव्या की डायरी' (2009) और 'मंगला' (2011) में दिखाई दीं, जिसके लिए उन्हें एक और राज्य नंदी स्पेशल जूरी अवार्ड मिला।
हिंदी सिनेमा में बनाई पहचान
दक्षिण में कामयाबी के झंडे बुलंद करने के बाद चार्मी ने हिंदी फिल्मों में दस्तक दी। उनकी पहली हिंदी फिल्म 2011 में आई 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' थी, जिसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन साझा की। इसके बाद वह 'जिला गाजियाबाद' में नजर आईं। चार्मी ने 'आर राजकुमार' में कैमियो भी किया था। इसके अलावा चार्मी ने काजल अग्रवाल समेत कई अभिनेत्रीयों की तेलुगू डबिंग भी की है।
फिल्म प्रोडक्शन में हाथ आजमाया
चार्मी ने न सिर्फ अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया है, बल्कि प्रोडक्शन की दुनिया में अपनी काबिलियत साबित की है। वर्ष 2015 में उन्होंने फिल्म 'ज्योति लक्ष्मी' से फिल्म निर्माण की दुनिया में डेब्यू किया। इसके बाद 2017 में पुरी कनेक्ट्स के साथ मिलकर फिल्म 'रोग', 'पैसा वसूल' (2017), 'महबूबा' (2018), 'स्मार्ट शंकर' (2019), 'रोमांटिक' (2021) फिल्म बनाई।
