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हिंदी दिवस विशेष: बॉलीवुड की इन फिल्मों ने मातृभाषा को दी नई पहचान, देखकर होगा गर्व
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Tue, 10 Sep 2019 04:32 PM IST
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hindi diwas
- फोटो : file photo
हिंदी और सिनेमा का हमेशा से साथ रहा है, लेकिन आज के दौर के सिनेमा में हिंदी से ज्यादा अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल देखने को मिलता है। हिंदी साहित्य की वजह से ऐसी कई फिल्में हैं जो भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई हैं। सिनेमा के शुरुआती काल में हिंदी को बहुत अच्छे से पेश किया गया था और ये सिलसिला बदस्तूर लंबे समय तक चला, लेकिन करीब बीते कुछ सालों से हिंदी फिल्मों में अंग्रेजी का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं बॉलीवुड की कुछ फिल्में ऐसी है जिन्होंने दुनिया भर में हिंदी के महत्व को समझाया है। इस हिंदी दिवस पर एक बार बॉलीवुड की इन फिल्मों को जरूर देखें।
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इंग्लिश विंग्लिश
'इंग्लिश विंग्लिश' शशी नाम की महिला की कहानी है जो अंग्रेजी भाषा में अपने आपको व्यक्त नहीं कर पाती है। उसकी दस-बारह वर्ष की लड़की पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में अपनी मां को ले जाने में शर्मिंदगी महसूस करती है। फिल्म में शशी का किरदार श्रीदेवी ने निभाया था। ये फिल्म साल 2012 में आई थी।
'इंग्लिश विंग्लिश' शशी नाम की महिला की कहानी है जो अंग्रेजी भाषा में अपने आपको व्यक्त नहीं कर पाती है। उसकी दस-बारह वर्ष की लड़की पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में अपनी मां को ले जाने में शर्मिंदगी महसूस करती है। फिल्म में शशी का किरदार श्रीदेवी ने निभाया था। ये फिल्म साल 2012 में आई थी।
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hindi medium
- फोटो : file photo
हिंदी मीडियम
इस फिल्म की कहानी दिल्ली में रहने वाले एक व्यापारी राज बत्रा की है, जो दिल्ली में कपड़ों का व्यापार करते रहता है। अमीर होने के बावजूद राज बत्रा अच्छे से अंग्रेजी भाषा नहीं बोल पाता, इसलिए वह अपनी बेटी को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाना चाहता है। दरअसल, फिल्म हिंदी मीडियम के जरिए ये दिखाने की कोशिश की गई है कि हिंदी के लिए अंग्रेजी भाषा कितनी बड़ी प्रतिद्वंदी हो गई है। इस फिल्म में इरफान खान और सबा कमर मुख्य भूमिका में थे। ये फिल्म साल 2017 में आई थी।
इस फिल्म की कहानी दिल्ली में रहने वाले एक व्यापारी राज बत्रा की है, जो दिल्ली में कपड़ों का व्यापार करते रहता है। अमीर होने के बावजूद राज बत्रा अच्छे से अंग्रेजी भाषा नहीं बोल पाता, इसलिए वह अपनी बेटी को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाना चाहता है। दरअसल, फिल्म हिंदी मीडियम के जरिए ये दिखाने की कोशिश की गई है कि हिंदी के लिए अंग्रेजी भाषा कितनी बड़ी प्रतिद्वंदी हो गई है। इस फिल्म में इरफान खान और सबा कमर मुख्य भूमिका में थे। ये फिल्म साल 2017 में आई थी।
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नमस्ते लंदन
'नमस्ते लंदन' में भला अक्षय कुमार की उस वक्तव्य को कैसे भुला जा सकता है जो उन्होंने कटरीना कैफ की सगाई के दौरान दिया था। जिसमें भारत की सभ्यता के साथ साथ हिंदी का महत्व समझाया था। उनके वक्तव्य से ना सिर्फ फिल्म में कटरीना उनसे खुश हो जाती हैं बल्कि हिंदी प्रेमी सिनेमाघर में खड़े होकर तालियां बजाने लगते हैं। ये फिल्म साल 2007 में आई थी।
'नमस्ते लंदन' में भला अक्षय कुमार की उस वक्तव्य को कैसे भुला जा सकता है जो उन्होंने कटरीना कैफ की सगाई के दौरान दिया था। जिसमें भारत की सभ्यता के साथ साथ हिंदी का महत्व समझाया था। उनके वक्तव्य से ना सिर्फ फिल्म में कटरीना उनसे खुश हो जाती हैं बल्कि हिंदी प्रेमी सिनेमाघर में खड़े होकर तालियां बजाने लगते हैं। ये फिल्म साल 2007 में आई थी।
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golmaal
- फोटो : social media
गोलमाल
साल 1979 में आई अमोल पालेकर की फिल्म 'गोलमाल' में भी बड़े ही रोचक ढंग से हिंदी के महत्व को समझाया गया है। फिल्म में उनके साथ उत्पल दत्त, बिन्दिया गोस्वामी, दीना पाठक, ओम प्रकाश, युनुस परवेज और अमिताभ बच्चन ने भी अहम किरदार निभाया था।
साल 1979 में आई अमोल पालेकर की फिल्म 'गोलमाल' में भी बड़े ही रोचक ढंग से हिंदी के महत्व को समझाया गया है। फिल्म में उनके साथ उत्पल दत्त, बिन्दिया गोस्वामी, दीना पाठक, ओम प्रकाश, युनुस परवेज और अमिताभ बच्चन ने भी अहम किरदार निभाया था।
