हाल ही में इरफान खान के बेटे बाबिल ने मुंबई में आयोजित 66वें फिल्मफेयर पुरस्कार के समारोह में हिस्सा लिया था। दो पुरस्कार को स्वीकार करने के लिए वे अपने दिवंगत पिता इरफान खान की तरफ से पहुंचे थे। इरफान को उनकी फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। वहीं उनके मरणोपरांत 2021 लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इस दौरान बाबिल का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। इस वीडियो में वे पिता इरफान को याद कर स्टेज पर ही रो रहे थे।
अवॉर्ड शो में इरफान खान को याद कर रोए थे बाबिल, मां सुतापा ने कहा- रात भर पिता की याद...
अब बाबिल की मां सुतापा सिकदर ने अपने बेटे के लिए एक खूबसूरत कविता लिखी है। कविता की शुरुआती पंक्तियां कुछ इस तरह है...
मेरा बेटा
बड़ा कड़क लौंडा है वो
चुप चुप के नहीं सबके सामने जोर जोर रोता है वो
बड़ा कड़क लौंडा है
बाप के यादों को समेटता है नाजुक अंगुलियों से
बिखेरता है उन्हें खुशबू कि तरह
सहेजता है उन्हें बंद डायरी में
बड़ा सख्त लौंडा है वो
अपनी मां को गले लगाके कह पाता है
'पूरी ज़िंदगी तू घना पेड़ थी हम सब के लिए
अब उड़ मां पंख फैलाए होश गवाएं'
शर्माता है गालों पर उसके गिरते हैं डिम्पल मुस्कुराकर
जब कहता है अपनी ही मां को अब तो जा जी ले अपनी जिंदगी सिमरन'
बड़ा शख्त लौंडा है यह
रात भर रोता है बाबा की याद में
जब आंख सूज जाती है तो पूछने पर यह नहीं कहता अपनी मरदानगी के खातिर की सोया नहीं रात भर
कह देता है रोया हूं मां
अहससात को जज्जबात को नौ मन बोझ बनाके नहीं रखता क्यूंकि मर्द है वो
अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है बड़ा सख्त लौंडा है मेरा बेटा
क्यूंकि जज्बात छिपाने के लिए नहीं दिखाने के लिए जिगर चाहिए होता है
पुराने रिवायतो को तोड़कर नए आयाम बनाने के लिए जिगर चाहिए होता है
बहुत बहुत सख्त होना पढ़ता है नरम दिखने के लिए
बड़ा सख्त लौंडा है ये
साथ ही उन्होंने बाबिल की तस्वीर भी साझा की है।
अवॉर्ड लेने पहुंचे बाबिल का वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था- वे अपने पिता का सिर गर्व से ऊंचा करेंगे। वे भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। इरफान खान की बात करें तो उनका पिछले साल 29 अप्रैल को कैंसर से निधन हो गया था।