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Pippa On OTT: सीधे ओटीटी पर रिलीज होगी ईशान खट्टर की 'पिप्पा', जानिए कहां और कब होने जा रहा वर्ल्ड प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अभिनेता ईशान खट्टर की अरसे से पूरी हो चुकी फिल्म ‘पिप्पा’ के ट्रेलर के साथ इसके डायरेक्ट-टू-स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा की है। यह फिल्म इतिहास के एक ऐतिहासिक पलों की रोमांचक कहानी है। फिल्म में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गरीबपुर की लड़ाई दिखाई गई है जिसने यह बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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ईशान खट्टर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आरएसवीपी और रॉय कपूर फिल्म्स के बैनर तले बनी आर राजा कृष्ण मेनन द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ईशान खट्टर रियल लाइफ वॉर हीरो कैप्टन बलराम सिंह मेहता का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर, प्रियांशु पेनयुली और सोनी राजदान भी अहम भूमिकाओं में हैं। ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता की लिखी किताब 'द बर्निंग चाफीज' पर आधारित इस फिल्म को मेनन के अलावा तन्मय मोहन और रविंदर रंधावा ने लिखा है। फिल्म का संगीत ए आर रहमान ने दिया है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 10 नवंबर को प्राइम वीडियो पर होगा।
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राजा कृष्ण मेनन, रोनी स्क्रूवाला, सिद्धार्थ रॉय कपूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘पिप्पा’ को इसका नाम एम्फीबियस वॉर टैंक पीटी-76 (पलावुशी टैंका) से मिला है, जिसे पिप्पा के नाम से जाना जाता था, जो घी के एक खाली डिब्बे की तरह आसानी से पानी पर तैर सकता है। यह फिल्म देशभक्ति और वीरता की कहानी बताती है, और 45 कैवेलरी टैंक स्क्वाड्रन के कैप्टन बलराम मेहता की जिंदगी की झलकियां दिखाती है। फिल्म का उस समय में वापस ले जाता है, जब भारत ने पूर्वी मोर्चे पर गरीबपुर की लड़ाई लड़ी थी।
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मृणाल ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस मिशन के दौरान उनके लीडर के निधन के बाद कैप्टन बलराम सिंह मेहता ने स्क्वाड्रन की कमान संभाली। अपने भाई-बहनों के साथ वह युद्ध में फ्रंटलाइन पर थे और भारत की जीत की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वॉर के इस नारे के साथ कि "हम सैनिकों की तरह लड़ते हैं, सैनिकों की तरह मारते हैं, और सैनिकों की तरह मरते हैं" काम करते हुए, भारतीय सेनाओं ने अपना सब कुछ दे दिया, जिससे बांग्लादेश की मुक्ति हुई।
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मृणाल ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘पिप्पा’ के निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर कहते हैं, “पिप्पा 1971 के भारत-पाक युद्ध का एक आकर्षक विवरण है जिसके कारण बांग्लादेश को आजादी मिली, जिसे ब्रिगेडियर बलराम मेहता की नजरों से बताया गया है। ईशान, मृणाल, प्रियांशु और सोनी ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है और हमारा मानना है कि वॉर में सबसे आगे खड़े एक पूरे परिवार की इस उल्लेखनीय कहानी से दर्शक गहराई से प्रभावित होंगे।”
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