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B'day Spl: गजलें ही नहीं चुटकुले भी खूब सुनाते थे जगजीत सिंह, पढ़िए उनके ये खास लतीफे

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Fri, 08 Feb 2019 07:33 AM IST
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Jagjit Singh birth anniversary do you know this facts about ghazal king
Jagjit Singh
मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह के गाए भजन, गीत और गजलें आज भी उनके चाहने वालों की सुबह, दोपहर और शामें रोशन करती रहती हैं। अपने लाइव कार्यक्रमों के दौरान जगजीत सिंह चुटकुले भी खूब सुनाते थे। उनकी कुछ परफॉरमेंसज से चुने गए कुछ चुटकुले हम संकलित कर लाए हैं खास आपके लिए, उनके जन्मदिन पर।
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जगजीत सिंह सुनाते हैं, ‘पेड़ पर एक तोता मैना बेठे प्यार कर रहे थे  तो तोता मैना को जब बीवी ने देखा तो वह बोली देखो जब हम पांच साल पहले आए थे, तब भी यह तोता मैना यहीं बैठे थे। आज तक कितना प्यार है इनमें। और हमारा हाल देखो क्या हो गया है। पति बोला ज़रा ध्यान से देखो। तोता वही है मैना दूसरी है।‘ 
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jagjeet singh
एक और लतीफा जो अक्सर जगजीत सिंह सुनाया करते थे, वह यूं है, ‘एक बीवी गई मायके, पति घर पर अकेला था। उसने दीवार पर बीवी की फोटो लगाई और उस पर चाकू फेंक रहा है उसपर। लेकिन चाकू निशाने पर नहीं लग रहा, मिस हो रहा है। कभी इधर कभी उधर। इतने में बीवी का फोन आया। बोली, डार्लिंग क्या कर रहे हो। पति बोला, कुछ नहीं डार्लिंग तुम्हें मिस कर रहा हूं।’
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ये है अगला चुटकुला जो जगजीत सिंह का बहुत फेवरिट रहा है, ‘पति पत्नी ड्रॉइंग रूम में बैठे थे। इतने में टेलीफोन की घंटी बजी। पति बोला मेरा हो तो बोलना मैं घर पर नहीं हूं। पत्नी ने फोन उठाया बोला। फिर धीरे से बोली, हैलो, वो घर पर हैं और फोन रख दिया। पति कहता है कि तुम्हें कहा था  ना, मेरा हो तो कहना मैं घर पर नहीं हूं। पत्नी बोली आपको फोन नहीं था, मेरा फोन था।’ 
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जगजीत सिंह की लाइव परफॉरमेंसेज में उनसे कैफ़ भोपाली की ग़ज़ल, ‘तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है’ की बहुत फरमाइशें होती थीं। इस गज़ल को वह सुनाते भी बड़े मजे लेकर थे। जैसे ही मिसरा आता था, आग का क्या है पल दो पल में लगती है। जगजीत सिंह साजिंदों को रफ्तार कम करने का इशारा करते और बोलते, ये इश्क़ की आग है। प्रेम की अग्नि। love at first sight, उसके बाद sight ढूंढते रहो। फिर अगली लाइन सुनाते, बुझते बुझते एक ज़माना लगता है। फिर रुकते और बोलते, सबसे पहले तो चश्मा लगता है, फिर दांत लगते हैं, फिर बाल भी लगते हैं, और कभी तो घुटने भी लगते हैं। 

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