भारत के 'गजल किंग' कहे जाने वाले श्रेष्ठ गायक जगजीत सिंह को संगीत से बहुत प्यार था। संगीत में ही उनकी अपनी एक अलग दुनिया बसती थी। गजल की गायिकी में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। हालांकि उनकी निजी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से भरी हुई थी। आइए इस अवसर पर जानते हैं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम और अनकही बातें।
गेट कीपर को घूस देकर फिल्म देखते थे जगजीत सिंह, बेटे की मौत ने तोड़ दिया था
जगजीत सिंह का जन्म बीकानेर (राजस्थान) में हुआ था। पहले उनका नाम जगजीवन सिंह था बाद में उन्होंने इसे जगजीत सिंह कर लिया। जगजीत के पिता चाहते थे कि वो इंजीनियर बने पर लेकिन उनकी हमेशा संगीत में रूचि रही। कुछ क्लास मे तो उन्होंने दो-दो साल गुजारे। पढ़ाई पूरी करने के बाद जगजीत सिंह ने ऑल इंडिया रेडियो जालंधर में एक सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू कर दिया था।
गेट कीपर को घूस देकर फिल्म देखते थे जगजीत सिंह, बेटे की मौत ने तोड़ दिया था
आपको बता दें कि पिता के इजाजत के बगैर फिल्में देखना और टॉकीज में गेट कीपर को घूस देकर हॉल में घुसना उनकी बुरी आदत थी। गाने से उन्हें इतना प्यार था कि एक बार वो अपनी चचेरी बहन की शादी में जमी महिला मंडली की बैठक में जाकर गीत गाने लगे थे। पूछे जाने पर कहते हैं कि सिंगर नहीं होते तो एक धोबी होते।
गेट कीपर को घूस देकर फिल्म देखते थे जगजीत सिंह, बेटे की मौत ने तोड़ दिया था
साल 1965 में जगजीत सिंह अपने परिवार को बिना बताए मुंबई चले गए और संगीत की दुनिया में अपना नया संघर्ष शुरू कर दिया। मुंबई में उनकी मुलाकात एक बंगाली महिला चित्रा दत्ता से हुई। दोनों में प्यार हो गया और फिर साल 1969 में दोनों ने शादी कर ली। उन्हें एक बेटा विवेक भी हुआ।
गेट कीपर को घूस देकर फिल्म देखते थे जगजीत सिंह, बेटे की मौत ने तोड़ दिया था
साल 1976 में जगजीत सिंह और चित्रा की एल्बम 'द अनफॉरगेटेबल' रिलीज हुई जिसकी काफी प्रशंसा हुई। इस एल्बम की वजह से दोनों कपल स्टार बन गए। एल्बम के एक गीत 'बात निकलेगी' को लोगों ने काफी पसंद किया था। जगजीत सिंह और चित्रा सिंह एक साथ कई कॉन्सर्ट करते थे। साल 1980 तक जगजीत सिंह गजल किंग बन चुके थे। प्राइवेट एल्बम के साथ-साथ जगजीत ने फिल्मों में भी कई गजलें गाईं जिनमें 'प्रेम गीत', 'अर्थ', 'जिस्म', 'तुम बिन', 'जॉगर्स पार्क' जैसी फिल्में शामिल हैं।