मशहूर गायिका जसपिंदर नरूला को हाल ही में भारत सरकार की ओर से पद्म श्री सम्मानित करने का एलान किया गया। इस पुरस्कार को लेकर उन्होंने कहा कि यह सब उनके माता-पिता की आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने इस सम्मान को अपने माता-पिता को समर्पित किया है।
Jaspinder Narula: 'मुझे उनकी बहुत याद आ रही', जसपिंदर नरूला ने माता-पिता को समर्पित किया पद्म श्री
Jaspinder Narula: जसपिंदर नरूला को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इस पुरस्कार को अपने माता-पिता को समर्पित किया।
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एएनआई से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मैं यह पुरस्कार अपने माता-पिता को समर्पित करती हूं, जो मेरे पहले गुरु रहे। इस क्षण में मैं उन्हें बहुत याद कर रही हूं।" जसपिंदर नरूला ने हिंदी और पंजाबी सिनेमा में अपने योगदान काफी ज्यादा लोकप्रियता हासिल की है। उनका करियर लगभग 50 साल लंबा है। उन्होंने अपनी गायन कला से लाखों दिलों को छुआ है।
1998 में आई फिल्म 'प्यार तो होना ही था' टाइटल सॉन्ग उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस गाने को उन्होंने रेमो फर्नांडीज के साथ मिलकर गाया था। लोगों की जुबां पर यह गाना आज भी चढ़ा हुआ है। इस गीत से उन्हें पहचान मिली और बाद में 1999 में उन्हें बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर के रूप में फिल्मफेयर अवार्ड भी प्राप्त हुआ। जसपिंदर नरूला ने न सिर्फ फिल्मी संगीत में, बल्कि लोक और भक्ति गीतों में भी अपनी आवाज का जादू चलाया है। फिल्मों की बात करें तो उन्होंने 'मिशन कश्मीर', 'मोहब्बतें', 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' और 'बंटी और बबली' जैसी हिट फिल्मों में भी गाने गाए हैं।
50 साल लंबा है जसपिंदर का करियर
अपने 50 साल के संगीत सफर के बारे में उन्होंने कहा, "मैंने जीवन में कुछ सिद्धांतों और मूल्यों के साथ आगे की ओर कदम बढ़ाए हैं। यहां तक पहुंचने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की। उन्होंने युवाओं को यह संदेश देते हुए कहा, "ईश्वर में विश्वास रखना जरूरी है। साथ ही, भगवान के प्रति समर्पण की भावना भी होनी चाहिए। सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत ही कामयाबी का असली रास्ता है।"
इस वर्ष जसपिंदर नरूला के साथ-साथ कई अन्य दिग्गज हस्तियों को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ। इनमें प्रसिद्ध शिल्पकार अद्वैत चरण गडनायक, सुलेख कलाकार अच्युत रामचंद्र पलव, बॉलीवुड गायक अरिजीत सिंह, हास्य अभिनेता अशोक लक्ष्मण सराफ, शास्त्रीय गायक अश्विनी भिड़े देशपांडे, बैरी गॉडफ्रे जॉन, भीमाव्वा डोड्डाबलप्पा शिलेक्याथरा, निर्मला देवी, नितिन नोहरिया, पी दत्ताचनमूर्ति, पंडी राम मंडावी, ग्रैमी विजेता संगीतकार रिकी केज शामिल हैं।
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