मुंबई में हर साल होने वाले साहित्य उत्सव ‘लिटफेस्ट’ का सबसे बड़ा सम्मान ‘पोएट लॉरेट’ (राजकवि) इस साल मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को दिया जा रहा है। यह पुरस्कार उन्हें उनके द्वारा बनाई गईं कविताओं, गीतों और नज्मों के लिए दिया जा रहा है।
जावेद अख्तर को मुंबई लिटफेस्ट का सबसे बड़ा सम्मान, कहा- अभिव्यक्ति का सबसे पुराना रूप है कविता
हिंदी फिल्में लिखने वाली चर्चित जोड़ी सलीम-जावेद का अहम हिस्सा रहे जावेद अख्तर ने फिल्म ‘सिलसिला’ से गीत लेखन का जो सिलसिला शुरू किया, वह उनकी बेटी जोया अख्तर की बनाई फिल्म ‘गली ब्वॉय’ तक जारी है। पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित जावेद अख्तर ने अपने गीतों के लिए अब तक पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और आठ फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं।
मुंबई लिटफेस्ट 2020 का पोएट लॉरेट सम्मान स्वीकार करते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि लिटफेस्ट में कविता को इतना महत्त्व दिया जा रहा है इस बात से मैं बहुत खुश हूं। मानवीय भावनाओं, आकांक्षाओं की सबसे प्राचीन प्रस्तुति, कथाकथन और उत्सव की अभिव्यक्ति का सबसे पुराना रूप पद्य (कविता) है।
कविता खुशियां भी देती है और मन की सांत्वना भी करती है। मैंने अपनी कविताओं, गीतों और पटकथाओं में अपने देशवासियों की भावनाओं और आशाओं को व्यक्त करने और सभी के बीच सहानुभूति और सद्भाव के मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। मुझे गर्व है कि मेरे काम और लेखन को एक ऐसे साहित्यिक महोत्सव द्वारा सम्मानित किया गया है जहां लगातार सर्वश्रेष्ठ भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय लेखन और विचारों को प्रस्तुत किया गया है।
वहीं लिटफेस्ट के संस्थापक और फेस्टिवल डायरेक्टर अनिल धारकर ने कहा कि जावेद अख्तर के लेखन में शामिल बुद्धि, अंतर्दृष्टि और मानवता ने हमारे जीवन को रोशन किया है। वह लगातार आत्मज्ञान और सद्भाव को प्रोत्साहित करते आ रहे हैं। वह भारत में और भारत के बारे में सर्वश्रेष्ठ बातों के प्रतीक हैं।
टाटा संस क ब्रांड कस्टोडियन हरीश भट्ट ने कहा कि देश जावेद साहब पर गर्व करता है। उन्होंने कहा कि जावेद साहब ने अपनी उपलब्धियों से देश का नाम ऊंचा किया है और वो पहले ऐसे भारतीय नागरिक हैं, जिन्हें 2020 के लिए प्रख्यात रिचर्ड डॉकिन्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
मुंबई लिटफेस्ट में जावेद साहब को कवि लॉरेट के तौर पर चुना जाना, हमारे लिए भी गर्व की बात है। इससे पहले यह पुरस्कार के सच्चिदानंदन, जयंत महापात्रा, गुलजार, केकी दारुवाला, विक्रम सेठ और जय गोस्वामी को दिया जा चुका है।
