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कल्कि बोलीं-जब एक्शन सीन कोरियोग्राफ किये जा सकते हैं तो इंटीमेट सीन क्यों नहीं?

Sun, 18 Nov 2018 01:55 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला Updated Sun, 18 Nov 2018 01:55 PM IST
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Kalki said when action scenes can be choreographed why not intimate scene
कल्कि कोचलिन - फोटो : file photo

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर विवाद के बाद #MeToo अभियान लगातार चर्चा में बना हुआ है। बॉलीवुड एक्ट्रेस कल्कि केकलां ने तनुश्री का समर्थन किया है। साथ ही कल्कि का कहना है कि वह खुद भी इस तरह की चीजों का सामना कर चुकी हैं। कल्कि केकलां का कहना है कि अभिनेताओं के लिए अंतरंग दृश्यों की शूटिंग से पहले एक दूसरे पर भरोसा करना बेहद जरूरी है और वह मानती हैं कि इस चलन को फिल्म उद्योग में अनिवार्य किया जाना चाहिए।


 

Kalki said when action scenes can be choreographed why not intimate scene
kalki koechlin - फोटो : file photo

कल्कि ने कहा कि उन्होंने कुछ अभिनेताओं से मिले बिना ही उनके साथ अंतरंग दृश्य किये हैं, जो कि नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम फिल्म के सेट पर होते हैं, तो कोई भी व्यक्ति वास्तव में कोरियोग्राफ किये गये एक्शन सीन को भी करने से घबराता है। कोई भी व्यक्ति 'गलती से' भी अभिनेता के चेहरे पर पंच नहीं करता, तो हम अंतरंग दृश्यों के लिए ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’ 

Kalki said when action scenes can be choreographed why not intimate scene
कल्कि कोचलिन - फोटो : file photo

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कई दृश्य हैं जहां मैंने चुंबन दृश्य से पहले अभिनेता से मुलाकात नहीं की। यह समझ में नहीं आता। अभिनेताओं के बीच विश्वास होना चाहिए।’’अभिनेत्री ने ‘टाटा लिटरेचर लाइव’ के 9वें संस्करण में कार्यस्थल पर आचार संहिता के विषय पर एक पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। कल्कि का मानना है कि एक व्यक्ति और उद्योग के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदारी लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

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Kalki said when action scenes can be choreographed why not intimate scene
कल्कि कोचलिन - फोटो : file photo

अभिनेत्री कल्कि केकलां का कहना है कि महिलाओं के साथ उत्पीड़न होता है और उन्हें अपना मुंह बंद करने के लिए धमकियां दी जाती हैं। अब महिलाएं अपने डर को खत्म करना चाहती हैं। इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि क्या हो सकता है और क्या नहीं। साथ ही कल्कि का कहना है कि महिलाएं जो बोल रही हैं वह सच है अपने साथ हुए व्यवहार की वजह से वह मानसिक तनाव भी झेल रही हैं। 

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Kalki said when action scenes can be choreographed why not intimate scene
Kalki - फोटो : file photo

कल्कि का कहना है उत्पीड़न के कंकाल कोठरी से बाहर आने शुरू हो गए हैं। अब महिलाएं अब साथ हुए हादसों के बारे में बात करने पर शर्मिंदा नहीं है। मीटू आंदोलन ने लोगों को रास्ता दिया है। बता दें कि कल्कि ने कुछ साल पहले ही #MeToo अभियान पर अपनी जिंदगी का सच सबके सामने रखा था। उनका कहना है कि वह बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। उन्हें इस लड़ाई में बहुत कुछ झेलना पड़ा

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