हिंदी सिनेमा में जब भी शीर्ष निर्देशकों की गिनती होगी कमाल अमरोहा का नाम उस लिस्ट में जरूर होगा। कहने को उन्होंने कम ही फिल्मों का निर्देशन किया। लेकिन इन फिल्मों को निर्देशित कर वो अमर हो गए। बेहतरीन गीतकार, पठकथा, संवाद लेखक और निर्माता-निर्देशक के रूप में कमाल सुपरहिट रहे। हिंदी सिनेमा के महान निर्देशक कमाल अमरोही की आज पुण्यतिथि है। कमाल 11 फरवरी 1993 को इस दुनिया को अलविदा कह गये। आइए आज उन्हीं फिल्मों की बात करते हैं जिसने कमाल अमरोही को अमर कर दिया।
कमाल अमरोही की वो फिल्में जिसने किया असली 'कमाल', एक फिल्म में तो धर्मेंद्र से लिया मीना का बदला
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पाकीजा
कमाल अमरोही के निर्देशन और मीना कुमारी अभिनीत फिल्म 'पाकीजा' आज से करीब 48 साल पहले रिलीज हुई थी। 'पाकीजा' फिल्म की तमाम अन्य ऊंचाइयों के प्रति जब भी जवाबदेही तय की जाएगी, उसमें अभिनय, पटकथा, संवाद, कला-सज्जा, छायांकन और निर्देशन के अलावा संगीत का जिक्र भी किया जाएगा। नवाबी और अवधी संस्कृति को पर्दे पर पेश करने वाली इस संगीतमय फिल्म की गिनती बॉलीवुड की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में होती है। पाकीजा 1972 में 6 गानों के साथ रिलीज हुई। फिल्म के म्यूजिक ने इतिहास बनाया। मगर उस साल बेस्ट म्यूजिक का फिल्म फेयर 'बेईमान' फिल्म के लिए शंकर-जयकिशन को मिला। जब-जब भारतीय फ़िल्मों का इतिहास लिखा जाएगा, 'पाकीजा' का जिक्र जरूर होगा। इस फिल्म में योगदान राज कुमार साहब का भी है, अशोक कुमार का भी है और नादिरा का भी है, लेकिन तीन नाम हमेशा जिंदा रहेंगे, मीना कुमारी, कमाल अमरोही और पाकीजा।
महल
ये फिल्म 1949 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में मधुबाला के साथ नजर आए थे अशोक कुमार। फिल्म सुपरहिट हुई थी। भारत की पहली हॉरर फिल्म के रूप में मशहूर हुई 'महल' की कामयाबी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आए कमाल अमरोही को रातों रात सुपर स्टार का दर्जा दे दिया था। 'महल' फिल्म के कुछ संवाद तो आज भी लोगों की जुबां पर मौजूद होंगे- 'मुझे जरा होश में आने दो, मैं खामोश रहना चाहता हूं...' या 'फिर स्लो पॉयजन अक्सर मीठे होते हैं और धोखे अक्सर हसीन होते हैं...'
रजिया सुल्तान
फिल्म ‘रजिया सुल्तान’ का निर्देशन किया। ‘रजिया सुल्तान’ बॉक्स ऑफिस पर तो हिट नहीं हो पाई किन्तु इस फिल्म में कमाल के निर्देशन ने बहुत तारीफ बटोरी। इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी थीं। कमाल ने शॉट के लिए धर्मेंद्र का मुंह काला करवाया और सीन शूट किया। लोग बताते हैं कि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। कमाल ने बस धर्मेंद्र की वजह से मीना को मिली तकलीफों के कारण ऐसा किया था।