कंगना रणौत अक्सर विवादों की वजह से चर्चा में रहती हैं। अब कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कंगना की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ने पुलिस को कंगना के किसान बिल पर किए गए ट्वीट को लेकर एफआईआर के निर्देश दिए थे। अब कर्नाटक उच्च न्यायलय ने उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को रोकने से इंकार कर दिया है।
कंगना रणौत केस: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार
कंगना ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि 'एक और दिन एक और एफआईआर, कल जावेद चाचा ने महाराष्ट्र सरकार की मदद से मेरे खिलाफ वारंट जारी करवाया और अब किसान बिल को समर्थन देने के लिए एक एफआईआर। मतलब जो लोग इस बिल के बारे में झूठ फैलाते हैं किसानों की मौत के कारण दंगे होते हैं, उनको कुछ नहीं होता। धन्यवाद।'

आगे एक अन्य ट्वीट में कंगना लिखती हैं कि ‘कितने भी जुल्म कर लो, मेरा घर तोड़ दो या मुझे जेल भेज दो, या झूठ फैलाकर मुझे बदनाम कर दो, मैं नहीं डरने वाली। मुझे सुधारने की कोशिश करने वालों मैं तुम्हें सुधारकर दम लूंगी। कर लो जितनी कोशिश करनी है, मुझे अबला बेचारी बनाने की, मैं बागी पैदा हुई थी बागी ही रहूंगी।‘

जावेद अख्तर मानहानि मामले में वारंट जारी
जावेद अख्तर द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में सोमवार को मुंबई मजिस्ट्रेट ने अभिनेत्री के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। जावेद अख्तर ने कंगना पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था।अभिनेत्री को समन भेजे जाने के बावजूद कोर्ट में उपस्थित नहीं होने की वजह से कोर्ट ने वारंट जारी किया। कंगना को एक फरवरी को समन जारी हुआ था। उन्हें एक मार्च को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था।
क्या है पूरा मामला
जावेद अख्तर ने कंगना रणौत पर उनके खिलाफ गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया था। जावेद अख्तर ने कहा था कि कंगना ने उनके खिलाफ कई न्यूज चैनलों में जाकर गलत बयान दिए हैं। जिसकी वजह से उनकी छवि पर गहरा असर पड़ा है। इसके लिए उनके ऊपर सख्त कार्रवाई करने की मांग जावेद अख्तर ने की थी।