नागरिकता संसोधन कानून का समर्थन करते ही सुपर स्टार रजनीकांत पर विपक्ष का हमला शुरू हो गया है। अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए रजनीकांत ने बुधवार को कहा कि सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। अब इसपर अभिनेता को घेरते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने उन्हें भाजपा का तोता बताया है।
सीएए का समर्थन करते ही रजनीकांत पर विपक्ष का तीखा हमला, कांग्रेस के इस नेता ने बताया भाजपा का तोता
तमिलनाडु की शिवागंगा लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम ने रजनीकांत की अलोचना करते हुए कहा कि उन्हें दिखावा बंद कर भाजपा ज्वाइन कर लेनी चाहिए। कार्ति ने ट्वीट किया, 'रजनीकांत को इस बात का दिखावा बंद कर देना चाहिए कि वो एक नई पार्टी बनाने जा रहे हैं, हो सकता है कि वो भाजपा में शामिल हो जाएं और हमें शब्दों के जाल में न फंसाएं।' कार्ति चिदंबरम यहीं नहीं रूके। उन्होंने रजनीकांत को भाजपा का तोता बताते हुए कहा कि वो अपने मालिक की लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं।
As expected parrots the script written by his puppeteers @BJP4India https://t.co/Fw5IvgOUrT No reason for @rajinikanth to pretend that he is going to form a new political party, might as well join the @BJP4India and spare us the charade.
क्या कहा रजनीकांत ने?
सुपर स्टार रजनीकांत ने कहा कि सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम हमारे देश के किसी भी नागरिक को प्रभावित नहीं करता है, अगर यह मुसलमानों को प्रभावित करता है तो मैं उनके लिए खड़ा होने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। बाहरी लोगों के बारे में पता लगाने के लिए एनपीआर जरूरी है। एनआरसी के बारे में स्पष्ट किया गया है कि यह अभी तक तैयार नहीं हुआ है। रजनीकांत ने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारतीय लोगों को सीएए से कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थी हितों के लिए सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। छात्रों को पहले ये मुद्दा समझना चाहिए और उसके बाद प्रदर्शनों में कूदना चाहिए।
आईएनएक्स मीडिया मामले में फंसे हैं कार्ति चिदंबरम
कार्ति चिदंबरम पर साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। ये मामला उस वक्त का है जब उनके पिता पी चिदंबरम यूपीए सरकार में वित्तमंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में अनियमितताएं बरती गईं और 305 करोड़ रुपये विदेशी निवेश हासिल किया गया। सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि एफआईपीबी मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के लिए कार्ति को रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये मिले थे।
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