दिवंगत अभिनेता राज कुमार को उनके दमदार संवाद और अभिनय के लिए जाना जाता है। फिल्म इंडस्ट्री में उनके कई किस्से मशहूर हैं। उन्होंने एक बार अभिनेता गोविंदा की शर्ट का रुमाल बना डाला था। इतना ही नहीं, उसे लेकर जेब में घूमने लगे थे। अक्खड़ स्वभाव वाले राजकुमार को इंडस्ट्री में लोग सनकी तक कहा करते थे। दरअसल, उनका रोबीला स्वभाव था ही कुछ ऐसा। वो जब किसी फिल्म का डायलॉग बोलते थे तो सिनेमाहॉल तालियों से गूंज उठता था। फिल्मी दुनिया के साथ ही निजी जीवन में भी वो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते थे।
किस्से बॉलीवुड के: जब राजकुमार को पसंद आई गोविंदा की शर्ट, फिर रुमाल बनाकर घूमने लगे
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दरअसल, राज कुमार का गोविंदा की शर्ट को रुमाल बनाकर जेब में लेकर चलने वाला किस्सा बड़ा दिलचस्प है। 80 के दशक की बात है उस वक्त गोविंदा और राज कुमार फिल्म जंगबाज की शूटिंग कर रहे थे। शॉर्ट देने के बाद अभिनेता गोविंदा, राज कुमार के साथ बैठे।
गोविंदा ने जो शर्ट पहनी थी, वो राज कुमार को पसंद आ गई। यह बात जब राज कुमार ने गोविंदा को बताया तो उन्होंने फौरन अपनी शर्ट उतारकर उन्हें दे दी। कुछ दिन बाद राज कुमार गोविंदा के इसी शर्ट का रुमाल अपने जेब में डालकर घूम रहे थे।
उनका डायलॉग 'ना तलवार की धार से ना गोलियों की बौछार से, बंदा डरता है तो सिर्फ पर्वत डिगार से' बेहद लोकप्रिय हुआ था। वो अक्सर लोगों को जानी के नाम से ही बुलाते थे। वो अपने दौर के ऐसे एक्टर थे जिनकी तुनकमिजाजी जगहाजिर थी। पर्दे से इतर वो असल जिंदगी में भी मजाकिया, हाजिरजवाब और गुस्सैल थे।
फिल्म आंखें में रामानंद सागर राज कुमार को कास्ट करना चाहते थे। इसके लिए वो उनके घर पहुंचे और उनको कहानी भी सुनाई। लेकिन राज कुमार को कहानी पसंद नहीं आई और उन्होंने अपने पालतू कुत्ते को आवाज लगाई और जैसे ही डॉगी उनके करीब पहुंचा तो उन्होंने उससे पूछा- क्या वह इस फिल्म में रोल करना चाहता है। कुत्ते ने उनकी ओर देखा और कुछ नहीं कहा। इस पर उन्होंने रामानंद सागर से कहा कि देखो ये रोल तो मेरा कुत्ता भी नहीं करना चाहता है।

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