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अमिताभ का दाहिना हाथ कहा जाता था ये एक्टर, गरीबी में ऐसी हो गई थी हालत
Thu, 23 May 2019 11:26 AM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Thu, 23 May 2019 11:26 AM IST
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राम सेठी
- फोटो : file photo
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जिस तरह मयूर राज वर्मा अमिताभ बच्चन के बचपन का किरदार निभाने के लिए हर निर्माता-निर्देशक की पहली पसंद हुआ करते थे उसी तरह एक और ऐसा एक्टर रहा जिसे अमिताभ की साइडकिक यानी पक्के दोस्त के तौर पर फिल्मों में साइन किया जाता था। ये हैं एक्टर राम सेठी।
राम सेठी
- फोटो : file photo
नाम सुनकर भले ही आपको वो एक्टर याद ना आए लेकिन चेहरा देख आपको जरूर वो हंसमुख चेहरा याद आ जाएगा जिसने ना जाने कितनी ही फिल्मों में अमिताभ के यार का रोल निभाया। फिर चाहे वो 'याराना' हो, 'नमक हलाल' हो, 'कालिया' हो, 'लावारिस' या फिर 'मुकद्दर का सिकंदर'...हर किरदार को राम सेठी ने यादगार बना दिया। राम सेठी वैसे तो कई सालों से फिल्मों में काम कर रहे थे लेकिन फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' ने उनके करियर की दिशा ही मोड़ दी।
राम सेठी
- फोटो : file photo
इस फिल्म में प्यारेलाल का निभाया किरदार इस कदर मशहूर हुआ कि राम सेठी जहां भी जाते लोग उन्हें प्यारेलाल, प्यारेलाल कहकर पुकारते। इस किरदार के बाद सफलता और फिल्मों के मिलने का कारवां जो शुरू हुआ वो चलता ही गया और राम सेठी दिनोंदिन स्टारडम की सीढ़ियां चढ़ने लगे। 'मुकद्दर का सिकंदर' प्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट की थी और इस फिल्म के बाद अमिताभ और राम सेठी की जोड़ी उनकी पसंदीदा जोड़ी बन गई। अब तो प्रकाश मेहरा अपनी हर फिल्म में राम सेठी को भी लेने लगे। यही वजह रही कि उनकी अमिताभ स्टारर फिल्मों में राम सेठी भी नजर आते हैं।
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राम सेठी
- फोटो : file photo
राम सेठी के करियर में सब सही चल रहा था लेकिन रुकावट तब आई जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया। उस वक्त राम सेठी की उम्र 53 साल की थी और उनके ऊपर अपने परिवार की जिम्मदारियां थीं, लेकिन काम नाम होने की वजह से वो टूट कर बिखर गए। नौबत यहां तक आ गई थी कि उनके पास खाना खाने तक के भी पैसे नहीं थे। इसका जिक्र राम सेठी ने एक इंटरव्यू में किया था, जिसमें उन्होंने ये भी खुलासा किया कि आर्थिक तंगी की वजह से वो फुटपाथ पर ही आ गए थे और निर्देशक प्रकाश मेहरा उनकी मदद करते थे।
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राम सेठी
- फोटो : file photo
जैसे-तैसे राम सेठी ने वो वक्त निकाला। कहते हैं ना कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जल्द ही राम सेठी के सुनहरे दिन लौट आए। 1994 में कुछ टीवी प्रोड्यूसरों ने राम सेठी को अप्रोच किया और उन्हें कुछ शोज में काम मिल गया। लेकिन ना जाने राम सेठी की किस्मत में क्या लिखा था। खुशी के वो चंद पल भी जल्द ही गायब हो गए। परिवार में हुए एक हादसे की वजह से राम सेठी को एक्टिंग से ब्रेक लेना पड़ा और जब दो साल बाद वो मुंबई लौटे तो देखा सब बदल चुका था। उस नए माहौल में राम सेठी अडजस्ट नहीं कर पाए जिसकी वजह से वो असहज हो गए और डिप्रेशन में चले गए।