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हीरो से भी ज्यादा फीस लेने वाले प्राण की आखिरी समय में हुई थी ऐसी हालत, चलने को तरस गए थे
Fri, 12 Jul 2019 12:59 PM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Fri, 12 Jul 2019 12:59 PM IST
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प्राण
- फोटो : file photo
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हिंदी सिनेमा के मशूहर एक्टर प्राण की 12 जुलाई को पुण्यतिथि होता है। अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले एक्टर प्राण हर फिल्म के लिए भारी फीस लिया करते थे। उनकी फीस हीरो से भी ज्यादा हुआ करती थी लेकिन उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी’ मात्र एक रुपए में साइन की थी। उस दौरान राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसको देखते हुए प्राण ने फीस नहीं ली। प्राण जितना बिग स्क्रीन पर खतरनाक नजर आते थे वह असल जिंदगी में उतने ही नरम दिल थे। प्राण का जन्म दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में 12 फरवरी 1920 को हुआ था। बचपन में उनका नाम 'प्राण कृष्ण सिकंद' था। जो फिल्मों में आने के बाद सिर्फ प्राण रह गया था। दिल्ली में उनका परिवार बेहद समृद्ध था। वे बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे, खास तौर पर गणित में।
प्राण
- फोटो : file photo
यह प्राण की पहली फिल्म बनी और सुपरहिट रही। लाहौर फिल्म इंडस्ट्री में एक खलनायक के तौर पर उभरने वाले प्राण को हिंदी फिल्मों में पहला ब्रेक 1942 में फिल्म 'खानदान' से मिला। दलसुख पंचोली की इस फिल्म में उनकी एक्ट्रेस नूरजहां थीं। बंटवारे से पहले प्राण ने 22 फिल्मों में नेगेटिव रोल किया। वे उस समय के काफी चर्चित विलेन बन चुके थे। आजादी के बाद उन्होंने लाहौर छोड़ दिया और मुंबई आ गए। यह उनके लिये संघर्ष का समय था।
प्राण
- फोटो : file photo
मुंबई आने के बाद प्राण को फिल्म 'जिद्दी' में मिला था। इस फिल्म के लीड रोल में देवआनंद और कामिनी कौशल थे। 'जिद्दी' के बाद इस दशक की सभी फिल्मों में प्राण खलनायक के रोल में नजर आए। 1955 में दिलीप कुमार के साथ 'आजाद', 'मधुमती', 'देवदास', 'दिल दिया दर्द लिया', 'राम और श्याम' और 'आदमी' नामक फिल्मों के किरदार महत्वपूर्ण रहे तो देव आनंद के साथ 'मुनीमजी' (1955), 'अमरदीप' (1958) जैसी फिल्में पसंद की गई।
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प्राण
- फोटो : file photo
फिल्म 'जंजीर' के किरदार विजय के लिए प्राण ने निर्देशक प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया था। इस फिल्म ने अमिताभ का करियर पलट कर रख दिया था। इस किरदार को पहले देव आनंद और धर्मेन्द्र ने नकार दिया था। प्राण ने अमिताभ की दोस्ती के चलते इसमें शेरखान का किरदार भी निभाया। इसके बाद अमिताभ बच्चन के साथ 'ज़ंजीर', 'डान', 'अमर अकबर अन्थोनी', 'मजबूर', 'दोस्ताना', 'नसीब', 'कालिया' और 'शराबी' जैसी फिल्में महत्वपूर्ण हैं।
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प्राण
- फोटो : file photo
प्राण को तीन बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। 1997 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट खिताब से नवाजा गया। प्राण को हिन्दी सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2001 में भारत सरकार के पद्म भूषण और इसी साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। प्राण ने तकरीबन 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। कापते पैरों की वजह से वह 1997 से व्हीएल चेयर पर जीवन गुजार रहे थे।