बचपन से ही एक्टिंग शुरू कर देने वाले कुणाल खेमू को कभी हिंदी सिनेमा का चमकता सितारा माना जाता था। अब कुणाल अदाकारी की अपनी दूसरी पारी डिजिटल पर शुरू करने जा रहे हैं। अमर उजाला ने उनसे खास बातचीत की है।
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मैंने कभी इस रिश्ते का फायदा उठाने की कोशिश ही नहीं की। न मुझे इसका कोई कारोबारी फायदा ही मिला। मैं पहले भी एक एक्टर था और आज भी एक एक्टर हूं। मैने जो भी निर्णय लिए उन्हें बदल तो नहीं सकता पर मैं आगे बढ़ने में विश्वास रखता हूं। बस आशा करता हूं कि अब जो भी निर्णय लूं वह सही हों।
किसी स्टार को बनाने में और बिगाड़ने में भी उसके करीबी लोगों का व्यवहार काफी मायने रखता है, यही सवाल अगर हम आपसे पूछें तो क्या कहना चाहेंगे?
अच्छा एक्टर बनना किसी एक इंसान के हाथ में तो है नहीं। अगर मैं गड़े मुर्दे उखाड़ने बैठूं तो जो हो चुका उसे तो नहीं बदल सकता। बस अपनी गलतियों से सीखता हूं। पहले मैं फिल्म की स्क्रिप्ट को ज्यादा महत्व देता था जिसकी वजह से मुझे बाद में काफी दुख हुआ। फिल्म अच्छी होने भर से फिल्म नहीं चलती। फिल्म बनाने वाले उसे रिलीज भी ढंग से कर पाएं, ये देखना भी जरूरी है।
अब आप डिजिटल पर बोहनी कर रहे हैं अभय से, इस वेब सीरीज में ऐसा क्या खास है?
मैं खुद कई सारी सीरीज़ देख चुका हूं। मुझे लगता है कि हिन्दी में ऐसी अभी तक कोई इन्वेस्टिगेटिव सीरीज नहीं बनी है जो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हो। आमतौर पर क्राइम सीरीज में आखिर में पता चलता है कि किसने क्राइम किया है। अभय में दर्शकों को एपीसोड की शुरूआत में ही पता चल जाएगा कि अपराधी कौन है, इसके बाद उस तक पहुंचने का ड्रामा ही इस सीरीज की यूएसपी है। महीने में सीरीज के सिर्फ दो एपीसोड रिलीज होंगे तो इससे भी दर्शकों में उत्सुकता बढ़ेगी।
क्या है आपका इस वेबसीरीज में किरदार?
लोगों ने मुझे कॉमेडी रोल्स में देखा है। यह पहली बार है जब मैं एक पुलिसवाले का किरदार निभा रहा हूं। नाम है अभय प्रताप सिंह और यह स्पेशल टास्क फोर्स का एजेंट है। उसकी अपनी जिंदगी में कुछ दिक्कतें हैं। सीरीज एपीसोडिक है और इसके हर एपीसोड में दर्शकों को अलग अलग कहानियां देखने को मिलेंगी।