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Mac Mohan: तीन शब्द के डायलॉग ने 'सांभा' को बना दिया अविस्मरणीय, शोले देखकर रोने लगे थे अभिनेता
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमरीन हुसैन
Updated Mon, 10 May 2021 10:27 AM IST
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मैक मोहन
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कभी एक फिल्म, एक कैरेक्टर और एक ही डायलॉग वो पहचान दिला देता है, जिसके लिए कलाकार जिंदगी भर मेहनत करता है। कुछ यही हुआ था 'शोले' फिल्म के 'सांभा' के साथ भी। फिल्म में यह किरदार निभाने वाले मैक मोहन की आज पुण्यतिथि है। दुनिया इनको मैक मोहन के नाम से कम और सांभा के नाम से ज्यादा जानती है। 10 मई 2010 को मैक मोहन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी बातें जानेंगे।
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मैक मोहन
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मैक मोहन रिश्ते में अभिनेत्री रवीना टंडन के मामा लगते थे। उनका असली नाम मोहन माखीजानी है। उनके पिता भारत में ब्रिटिश आर्मी में कर्नल थे। मैक को बचपन से ही क्रिकेट का बड़ा शौक था और वह क्रिकेटर बनना चाहते थे। साल 1940 में उनके पिता का ट्रांसफर करांची से लखनऊ हो गया था। इस तरह मैक मोहन की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में ही हुई।
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mac mohan
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मैक उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए खेलते भी थे। लेकिन वे 1952 में मुंबई आ गए। यहां आने के बाद जब उन्होंने रंगमंच देखा तो एक्टिंग में उनकी रुचि बढ़ गई। शबाना आजमी की मां शौकत कैफी को उन दिनों एक नाटक के लिए दुबले-पतले शख्स की जरूरत थी। मैक के किसी दोस्त ने उन्हें इसके बारे में बताया। उन्हें पैसों की जरूरत थी तो वे शौकत के पास नाटक में काम मांगने पहुंच गए और यहीं से उनका एक्टिंग करियर शुरू हुआ।
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Mac Mohan
फिल्म 'शोले' को लेकर एक इंटरव्यू में मैक ने बताया कि वह फिल्म देखने के बाद रोने लगे थे। मैक मोहन ने फिल्म की रिलीज के बाद डायरेक्टर रमेश सिप्पी से शिकायत की थी कि उन्होंने उनके सीन काट दिए। इस पर रमेश सिप्पी ने कहा कि अगर फिल्म चल गई तो पूरी दुनिया तुम्हें सांभा बुलाएगी। बता दें कि इस फिल्म में उनका मात्र 3 शब्द का संवाद है था- 'पूरे 50 हजार।'
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Mac Mohan
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मैक मोहन फिल्म 'अतिथि तुम कब जाओगे' की शूटिंग कर रहे थे तो उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फेफड़े में ट्यूमर का पता चलने के बाद उनका लंबा इलाज चला, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। एक साल बाद ही 10 मई 2010 को मैक ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मैक की दो बेटियां मंझरी और विनती हैं।
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