अगले महीने की 15 तारीख को 52 साल की होने जा रहीं माधुरी दीक्षित बतौर हीरोइन फिल्म गुलाब गैंग की रिलीज के पांच साल बाद चरित्र भूमिकाओं में लौटी हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई पहली फिल्म टोटल धमाल जहां बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर चुकी हैं, वहीं उनकी अगली फिल्म कलंक पर संजय लीला भंसाली के सिनेमा की नकल करने के आरोप लग रहे हैं। माधुरी के इस साल लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी तमाम खबरें आती रहीं। इन्हीं सारे सवालों को लेकर माधुरी दीक्षित से ये खास मुलाकात की अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी ने।
राजनीति में आने के सवाल पर माधुरी दीक्षित ने दिया ये जवाब, इंटरव्यू में खोले 'कलंक' से जुड़े कई राज
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कलंक एक पीरियड फिल्म है। इससे पहले भी आप पीरियड सिनेमा का हिस्सा रह चुकी हैं, कलंक करते समय कहीं लगा कि संजय लीला भंसाली का अक्स इसमें उभर रहा है?
अगर आप देवदास की बात कर रहे हैं तो मेरा किरदार यहां काफी अलग हैं। जैसा संजय कहानी को पर्दे पर उतारते हैं, उससे काफी अलग है। हां, कलंक के निर्देशक अभिषेक बर्मन भी संजय लीला भंसाली की तरह ही हर काम परफेक्ट चाहते हैं। हर सीन को बार-बार शूट करते हैं, उनके ओके बोलने का सेट पर मौजूद हर कलाकार को इंतजार रहता है। बहुत नापतौल कर करते हैं सबकुछ।
सोलो फिल्म से आप मल्टीस्टारर फिल्म तक आ चुकी हैं, क्या फायदे हैं इनके?
फायदे बहुत होते हैं। इतने सारे कलाकार होते हैं, तो फिल्म का बोझ बंट जाता है। एक अकेले के सिर पर नहीं रहता है। वहीं इतने सारे कलाकारों के साथ काम करते वक्त ऊर्जा बहुत होती है इसलिए सीन्स भी पर्दे पर निखर कर आते हैं।
संजय दत्त के साथ आपने काफी समय बाद काम किया, कैसा रहा उनके साथ काम करना?
टोटल धमाल में मैंने अनिल जी के साथ काफी समय बाद काम किया तो उसमें और इसमें कोई अंतर नहीं है। संजय और मैंने काफी हिट फिल्में दी हैं। वह काफी अच्छे कलाकार हैं। फिल्म साजन उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानी जाती है। सब कह रहे थे कि एक एक्शन हीरो को अपाहिज हीरो बनाना दर्शकों को जमेगा नहीं, लेकिन फिल्म हिट रही। उनका किरदार भी हिट रहा।
आपने तीनों खानों के साथ आपने काम किया है, इनकी कोई एक खासियत जो आपको हमेशा याद रहती हो?
30 साल बहुत लंबा वक्त होता है किसी भी कलाकार के लिए इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए। मैंने सलमान और शाहरुख के साथ काफी फिल्में की हैं आमिर के साथ सिर्फ दो फिल्में हैं। शाहरुख सभी के साथ शिष्टता का व्यवहार करते हैं खासकर महिलाओं के साथ। वह तब तक आराम से नहीं बैठते जबतक सेट पर काम कर रही हर महिला आराम से गाड़ी में बैठकर घर न चली जाए। सलमान भी काफी अच्छे को-स्टार रहे हैं, लेकिन वह थोड़े नटखट हैं।