बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं। मनोज भारतीय सिनेमा के दमदार अभिनेताओं में गिने जाते हैं। बिहार के एक गांव में रहने वाले मनोज बचपन से ही अभिनय में रुचि रखते थे। मनोज ने हिन्दी सिनेमा के अलावा तमिल और तेलुगु सिनेमा में भी काम किया है। मनोज अपनी अदाकारी के साथ अक्सर एक्सपरिमेंट करते रहते हैं और उनके वो एक्सपरिमेंट सफल भी होते हैं। मनोज की फिल्मों जितनी दमदार उनकी अदाकारी होती है, उतने ही जोरदार मनोज के डायलॉग्स भी होते हैं। उनके जन्मदिन पर आज आपको बताते हैं मनोज की फिल्मों के 10 फेमस डायलॉग्स...
'मुंबई का किंग कौन ?.. भीकू म्हात्रे', दमदार अभिनेता मनोज बाजपेयी के दस जोरदार डायलॉग्स
फिल्म- शूटआउट एक वडाला
'बादशाह की गली में आ के उसका पता नहीं पूछते। गुलामों के झुके हुए सिर खुद-बा-खुद रास्ता बता देते हैं।'
फिल्म- राजनीति
'राजनीति में मुर्दे कभी गाड़े नहीं जाते। उन्हें जिंदा रखा जाता है। ताकि टाइम आने पर वो बोल सके।'
'सौ चांद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी। तुम आए हो तो इस रात की औकात बनेगी।'
'चीजें तब छूटती हैं जब दिल से छोड़ी जाती हैं।'
