कोरोना काल में कलाकार लगातार अपनी रचनाओं के जरिए लोगों को जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान सलमान खान से लेकर जॉन अब्राहम जैसे इंडस्ट्री के दिग्गज, गानों और कविताओं से लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड में अपने परिवार संग फंसे अभिनेता मनोज बाजपेयी की एक नई कविता सामने आई है।
लॉकडाउन में अटके मनोज बाजपेयी ने सुनाई मार्मिक कविता, ईद से पहले समझाई ये जरूरी बात
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कविता को टी सीरीज के यू ट्यूब चैनल पर लॉन्च किया है। 'भगवान और खुदा' शीर्षक वाली इस कविता के माध्यम से मनोज बाजपेयी सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं और गंगा- जमुनी तहजीब की बात करते हैं। इस कविता के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि सभी धर्मों के बीच जो भी अंतर है, वह शब्दों का है, जो इंसानों ने ही बनाया है।
पूरे वीडियो में इंसानियत को मजहब से ऊपर रखने की सीख दी जा रही है। लॉकडाउन के समय में बने इस वीडियो में देशभर के मंदिर, मस्जिद और प्रार्थनाघरों के साथ विभिन्न ऐतिहासिक इमारतें दिखाई गईं हैं।
इस कविता के बारे में मनोज बाजपेयी बताते हैं, 'कलम किसी भी हथियार से अधिक प्रभावशाली होती है और यही कारण है कि 'भगवान और खुदा' जैसी कविताएं और गीत के जरिए लाए गए संदेश दर्शकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह एकता और भाईचारे की दिशा में एक कदम है और मैं इसका हिस्सा बनकर खुश हूं।'
वहीं मिलाप मिलन झवेरी ने बताया, 'भगवान और खुदा को मिले प्यार और प्रशंसा से मैं बेहद रोमांचित हूं। मेरी सभी फिल्मों में धार्मिक सद्भाव और भाईचारा हमेशा एक महत्वपूर्ण संदेश रहा है। यह उस संदेश को बाहर लाने का एक और प्रयास है ताकि हम एक मजबूत, एकजुट और सुरक्षित भारत बन सकें। जब मैंने इस कविता को लिखा, तो दिमाग में आए पहले व्यक्ति मनोज बाजपेयी थे, जो अपने आप में एक संस्था हैं और सबसे महान अभिनेताओं में से एक हैं।'
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