मनोज बाजपेयी 25 साल पहले राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'सत्या' में 'भीकू म्हात्रे' का किरदार निभाने के बाद सुर्खियों में आए थे। इसके बाद वह धीरे धीरे बॉलीवुड में अपने कदम जमाते गए। 'द फैमिली मैन' के बाद से उनकी लोकप्रियता में खूब इजाफा हुआ, जिसकी बदौलत आज वह इंडस्ट्री के प्रतिभाशाली अभिनेताओं में गिने जाते हैं। अब हाल ही में दिए इंटरव्यू में मनोज ने अपने फिल्मी करियर के बारे में बात करते हुए कहा कि लोकप्रियता के बावजूद नहीं मुंबई शहर में रहने के लिए अपनी अपनी संतुष्टि के साथ समझौता करना पड़ा। उन्हें ऐसी भूमिकाएं निभानी पड़ी, जिससे उन्हें कला की संतुष्टि नहीं, बल्कि केवल पैसा मिला।
Manoj Bajpayee: मुंबई में रहने और केवल पैसे के लिए फिल्में करते थे मनोज बाजपेयी, बोले- मुझे इसका अफसोस...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरअसल, मनोज बाजपेयी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में केवल पैसे के लिए भी फिल्में की हैं। उन्होंने अपने खाली समय में ऐसा किया। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को इस तरह के ऑफर लेने पर अफसोस नहीं करना चाहिए, अगर इससे उनके अस्तित्व में मदद मिलती है। मैं हमेशा कहता हूं कि अभिनेताओं को ऐसा नहीं करना चाहिए, अगर वे पैसे के लिए, रसोई चलाने के लिए कुछ करते हैं तो उन्हें पछतावा नहीं होना चाहिए।
Bollywood Stars: पाकिस्तान में भी बजता है इन बॉलीवुड स्टार्स का डंका, लिस्ट में शामिल कई बड़े-बड़े नाम
मनोज ने कहा कि इसे कुछ कदम पीछे हटने के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे बेहतर भविष्य की ओर छलांग लगाने के लिए तैयार होने के रूप में देखा जा सकता है। उन्हें ऐसी फिल्म करनी चाहिए, जिसमें उन्हें लगे कि वे सिर्फ छलांग लगाने के लिए कुछ कदम पीछे हट रहे हैं। मुझे इस शहर में जीवित रहने के लिए पैसे की जरूरत थी, जो ठीक है। मुझे इसका कभी अफसोस नहीं हुआ। मेरे पास आज भी वे फिल्में बहुत गर्व के साथ हैं।
Manushi Chhillar: ऑपरेशन वैलेंटाइन में इस किरदार में नजर आएंगी मानुषी, एक्ट्रेस ने फिल्म को लेकर जताया उत्साह
इससे पहले मनोज बाजपेयी ने बताया था कि उनकी पत्नी शबाना रजा ने उनसे कहा था कि वह पैसे के लिए फिल्में करना बंद करें, क्योंकि उन्होंने मनोज की खराब फिल्मों में से एक को देखने के बाद अपमानित महसूस किया था। उन्होंने कहा था कि वह एक खराब फिल्म थी। फिल्म के बाद उन्होंने मुझे फोन किया और मैंने पूछा कि उन्हें फिल्म कैसी लगी तो शबाना कहा, 'पैसे के लिए फिल्में करना बंद करो। हम इतने हताश नहीं हैं कि आपने पैसे के लिए ऐसा किया। यह शर्मनाक था। मुझे अपमानित महसूस हुआ। थिएटर में अपमानित महसूस हुआ। कृपया ऐसा कभी न करें। आप कहानियों और किरदारों में अच्छे हैं। कृपया उन्हें चुनें, इन फिल्मों को नहीं, आपको कुछ और साबित करने की जरूरत नहीं है।
Nawazuddin Siddiqui: एक और बायोपिक में नजर आएंगे नवाजुद्दीन, निभाएंगे कस्टम ऑफिसर कोस्टाओ फर्नांडीज की भूमिका
वर्कफ्रंट के बारे में बात करें तो मनोज बाजपेयी आखिरी बार जी5 की फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' में नजर आए थे। फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने एक बार फिर 'भैया जी' के लिए उसी टीम के साथ जुड़ने का फैसला किया है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की के जरिए किया जाएगा और इसका सह-निर्माण विनोद भानुशाली करेंगे।
Shabbir Kumar Interview: जब मनमोहन देसाई की जिद ने बदल दी गुमनाम गायक की तकदीर, शब्बीर यूं बने सिंगर नंबर वन