आनंद कुमार का खुलासा- 13 बार बदली गई 'सुपर 30' की स्क्रिप्ट, तब जाकर ऋतिक बने बिहार के गणितज्ञ
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आनंद कुमार ने कहा कि वह चाहते थे कि विकास बहल उनकी जीवन की कहानी पर आधारित फिल्म का निर्देशन करें और उन्हें विश्वास था कि ऋतिक फिल्म के साथ न्याय करेंगे। सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने इस दौरान कहा- पिछले 9 सालों से बहुत से बड़े अभिनेताओं और निर्देशकों ने मेरे जीवन पर फिल्म बनाने के लिए मुझसे संपर्क किया, लेकिन 'सुपर 30' के बनने तक कुछ भी उन्हें उत्साहित नहीं कर सका।
आनंद कुमार ने कहा, इन लोगों ने जो जुनून और उत्साह दिखाया, वह पहले किसी में नहीं दिखा था। मुझे उनका नजरिया पसंद आया, वे एक सच्ची कहानी बताना चाहते थे। उन्होंने मुझे रचनात्मक रूप से फिल्म का हिस्सा बनने की आजादी दी। आनंद कुमार ने कहा- मेरी कुछ शर्तें थीं कि एक बार जब मैं फिल्म की कहानी पर हामी भर दूं तभी फिल्म बननी चाहिए और अभिनेता, निर्देशक और संगीत निर्देशक मेरी पसंद के होंगे। उन्होंने खुलासा किया कि उनकी वजह से फिल्म की स्क्रिप्ट को 13 बार बदलना पड़ा था।
आनंद ने कहा कि उनका उद्देश्य पर्दे पर अपनी सच्ची कहानी को दिखाना था और फिल्म की टीम ने इसे अच्छी तरह से पूरा किया है। वहीं पिछले दिनों आनंद कुमार के खिलाफ आईआईटी गुवाहाटी के चार छात्रों ने केस दर्ज कराया था। खबरों की मानें तो अविनाश बरो, बिकाश दस, मोंजित डोले और धनीराम ताव का आरोप है कि आईआईटी में 26 बच्चों को एडमिशन दिलाने का आनंद कुमार का दावा झूठा है। इस पर आनंद कुमार का बयान भी आया। उन्होंने कहा था- ये बच्चे न मेरे संपर्क में कभी आए और न ही मुझसे पढ़े हैं। किसी ने मेरे संस्थान की प्रवेश परीक्षा तक नहीं दी है। लगता है कि ये लोग किसी के बहकावे में आ गए।