बॉलीवुड अभिनेता मोहम्मद जीशान अय्यूब ने अपने मेहनत के दाम पर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके अभिनय को दर्शक काफी पसंद करते हैं। जीशान ने तनु वेड्स मनु रिटर्न्स और रांझणा जैसी फिल्मों और स्कूप जैसी वेब सीरीज में अपनी भूमिकाओं के लिए खूब वाहवाही लूटी है। हाल ही में जीशान ने अपने करियर के शुरुआत में मुंबई आने के बाद अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। अभिनेता ने अपनी पत्नी रसिका अगाशे के साथ बिना पैसे के गुजारा करने पर बात की।
Zeeshan: 'मेरे पास दो रुपये भी नहीं बचे थे, ब्रोकर ने दिया धोखा', जीशान अय्यूब ने संघर्ष के दिनों को किया याद
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मीडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान जीशान अय्यूब की पत्नी रसिका अगाशे ने उनके संघर्ष के दिनों के बारे में खुलकर बात की और खुलासा किया कि वे सिर्फ 40000 रुपये लेकर मुंबई आए थे, जिसे दूसरे दिन ही खर्च कर दिया गया। उन्होंने कहा, 'हमने बिना पैसे का दौर देखा है, लगभग शून्य पैसा। हमारी शादी 24 साल की उम्र में हो गई, इसलिए हम बहुत भोले थे। हमने सोचा कि 40 हजार रुपये मुंबई में गुजारा करने के लिए पर्याप्त होंगे। यह जमा राशि और किराए में दूसरे दिन खत्म हो गया। हमने वह समय एक साथ देखा।'
मोहम्मद जीशान अय्यूब ने खुलासा किया कि एक ब्रोकर ने उनके साथ धोखाधड़ी की थी, जिसने उनसे तीन महीने का किराया जमा करने के लिए कहा था, जबकि कायदे से उन्हें केवल एक महीने का किराया जमा करना होता था। उन्होंने आगे खुलासा किया कि इसके कारण उनके पास पैसे नहीं बचे थे।
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अभिनेता ने आगे कहा, 'यह एक छोटा सा घर था, जिसमें एक छत थी, जहां हम सिर्फ कपड़े सुखाते थे और इसे किसी और काम के लिए इस्तेमाल नहीं करते थे। हम वास्तव में मुंबई जैसे शहर में शून्य पैसे के साथ थे। मुझे याद है कि एक बार हम साथ बैठकर हंस रहे थे, सोच रहे थे कि हम कितने बेवकूफ हैं, क्या सोचेंगे, अब क्या होगा? अभिनेता विनीत कुमार मदद करने वाले थे, उन्हें लगा कि हम नए हैं और शायद हमारे पास पैसे नहीं हैं।
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उन्होंने आगे कहा, 'विनीत ने मुझसे पूछा कि क्या मैं अभिनय सिखाना जानता हूं और फिर कहा कि कोई अभिनय स्कूल खोलने का इच्छुक है, इसलिए मुझे तीन महीने का पाठ्यक्रम लिखकर उसे देना चाहिए। मैंने इसे रात भर लिखा और फिर विनीत भाई ने पूछा मुझे इसका एक प्रिंटआउट उस आदमी को जमा करना होगा। जीशान ने बताया कि उस वक्त मेरे पास प्रिंटआउट के लिए दो रुपये भी नहीं थे, इसलिए हमने घर में सिक्के खोजे और किसी तरह उन्हें ढूंढने में कामयाब रहे। मैंने पाठ्यक्रम जमा किया। तब इसके बदले मुझे 15 सौ रुपये नकद मिले। इस तरह हमने शुरुआत की।
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